कानपुर। चिड़ियाघर में बाहरी जानवरों के भीतर आने के कई रास्ते हैं। यह खुलासा शासन द्वारा गठित टीम की जांच में हुआ है। टीम को कई जगह टूटी बाउंड्री वाल, खुले नाले, टूटी फेंसिंग मिली है।
एसडीओ फारेस्ट वीके मिश्रा की अगुवाई में गुरुवार को जूर में कांबिंग की गई। सांभर के बाड़ों के बाहर दीवार टूटी मिली है। जिस काले हिरण के बाड़े में कुत्तों ने हमला किया था, उसके साथ टंकी नंबर दो की दीवार भी खराब हालत में मिली। एक दीवार को पेड़ की टहनियों ने तोड़ दिया है। टीम ने काले हिरण के बाड़े को भी देखा और उसकी फेंसिंग की ऊंचाई बढ़ाने के लिए कहा। हिरण सफारी के भीतर भी टीम को कई छेद नजर आए। मसलन कमला रिट्रीट की दीवार के साथ लगा नाला खुला था। लहां से कोई बड़ा जानवर भी भीतर आ सकता है। नाले को कवर करने के लिए न तो जाली थी और न ही लोहे की रॉड। इसके अलावा एक बीच में गैप था। टीम ने सभी जगह ठीक कराने को कहा है। वीके मिश्रा ने कहा कि रिपोर्ट को दो दिन के भीतर शासन को सौंपना है। इस मामले में शासन बेहद गंभीर है। जल्द रिपोर्ट मांगी गई है।
ऊंची होंगी फेंसिंग
चिड़ियाघर के लगभग सभी बाड़ों में फेंसिंग (बाड़) ऊंची करवाई जायेगी। टीम के लीडर वीके मिश्रा ने कहा कि ऊंचाई बढ़ाने के लिए शासन को लिखा जाएगा, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो सके।
तीन दिन में बनेगी दीवार
काले हिरण के बाड़े के पास की दीवार तेजी से बनने लगी है। बुधवार को प्रमुख सचिव वन के निर्देश के बाद 10 और मजदूर और बढ़ा दिए गए है। अब 25 मजदूर दीवार बनाने में लगे हैं।