कानपुर। यदि कोई पेरेंट कंपनी अपनी सब्सिडरी कंपनी जिसमें पेरेंट कंपनी का हिस्सा 51 फीसदी हो, उसे भूमि हस्तांतरण किए जाने पर लगने वाली स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति दी जाएगी। यह व्यवस्था राज्य में उद्योगों की स्थापना के मकसद से बनी औद्योगिक नीति में की गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लि. (यूपीएसआईडीसी) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है।
शासन के सचिव संजय प्रसाद द्वारा गत दस जनवरी को यह व्यवस्था लागू की है। इसमें सब्सिडरी कंपनी को भूमि हस्तांतरित करने की दशा में स्टांप शुल्क से मुक्ति तभी मिलेगी जब सब्सिडरी कंपनी संबंधित भूखंड पर तीन वर्ष के भीतर उत्पादन कार्य आरंभ कर दे। इस योजना से संबंधित आवश्यक कार्रवाई विभिन्न जिलों के महाप्रबंधकों और यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा कराई जाएगी। इस सुविधा का लाभ लेने वाली कंपनी की निगरानी भी यूपीएसआईडीसी करेगी। इसके लिए संबंधित कंपनी से अनुबंध पत्र भी लिया जाएगा।
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वाराणसी में आईटी पार्क के लिए जमीन मांगी
- यूपीएसआईडीसी ने सहमति दी
कानपुर। वाराणसी में मुख्यमंत्री द्वारा आईटी पार्क बनाने के निर्देश देने के बाद इस सिलसिले में कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। इस संबंध में डीएम वाराणसी सौरभ बाबू ने यूपीएसआईडीसी को पत्र लिखकर दो से चार एकड़ तक की भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि यहां फूलपुर में एग्रो पार्क स्थापित किया गया है, जिसकी आधी भूमि अभी आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट के नजदीक होने के अलावा मूलभूत सुविधाओं के दृष्टिकोण से यह भूमि आईटी पार्क के लिए बेहद मुफीद है। ज्वाइंट एमडी को भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।