कानपुर। 11 से 14 दिसंबर तक पांच ग्रह एक साथ एक राशि में स्थित होंगे। इस तरह हर योग में पंचग्रही योग भी बनेगा। दिसंबर में 5 शनिवार, 5 रविवार और 5 सोमवार का योग भी बन रहा है।
पंचग्रही योग 11 की रात से 14 दिसंबर की सुबह तक चलेगा। इस योग में सूर्य, बुध, शुक्र, राहु और चंद्रमा एक साथ वृश्चिक राशि में होंगे। वृश्चिक राशि मंगल के स्वामित्व वाली राशि है। मंगल ग्रह शुक्र व राहु से शत्रुता रखता है। बुध सम भाव रहता है। सूर्य और मंगल ग्रह मित्र है। सूर्य के साथ होने से अन्य ग्रहों का प्रभाव कम रहेगा एवं गुरु की पूर्ण दृष्टि वृश्चिक पर रहेगी। शनि उच्च का ग्रह होने से यह उन लोगों के लिए कष्ट का कारण बनेगा जो उग्र एवं दुष्ट स्वभाव के है। 21 दिसंबर 2012 को मंगल उच्च का रहेगा। सूर्य मित्र राशि धनु में एवं शनि उच्च का तुला में रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विश्व का नाश हो जाये ऐसा कोई योग नहीं है। यह वक्त शिक्षक वर्ग, बुद्धिजीवी और कलाकारों का उत्साह बढ़ाने वाला है। इस माह गुरु, शुक्र का सम सप्तक योग बनेगा। शासन करने वालों के लिए चिंता, दुराचारियों और अत्याचारियों को परेशान करने वाला होगा। आचार्य सत्येंद्र अग्निहोत्री का कहना है कि ऐस कम योग बनते है जो जनमानस को लाभ पहुंचाते है। ज्योतिषाचार्य डा.आदित्य पांडेय का कहना है कि यह अच्छा योग है। यह योग सभी राशियों के लिए शुभकर है।
राशियों पर असर
मेष खर्च में वृद्धि होगी। लंबी यात्राओं के योग बनेंगे
वृष स्वास्थ्य में गिरावट होगी। स्त्री पक्ष से लाभ मिलेगा
मिथुन प्रोन्नति के अवसर है। आय के नये स्रोत बनेंगे
कर्क छोटे भाई बहनों से कष्ट मिलेगा। ऋण लेने पर फायदा
सिंह माता को कष्ट मिलेगा। पेट संबंधित बीमारी के योग
कन्या अध्यात्मिक विकास होगा। संतान को लेकर चिंता बढ़ेगी
तुला इष्ट मित्रों से कष्ट मिलेगा। शत्रुओं को बल देगा
वृश्चिक दांपत्य जीवन में तनाव। आय के स्रोत बनेंगे
धनु सरकारी मामलों में अड़चन। खर्च में वृद्धि होगी
मकर छोटी यात्राओं से लाभ मिलेगा। अचल संपत्ति से लाभ
कुंभ सरकारी समस्याओं से मुक्ति। पुराने संबंधों से फायदा
मीन लंबी यात्राओं से लाभ। विशेष रूप से महिला पक्ष से लाभ