कानपुर। शोहदों के खिलाफ शुरू की गई ‘वूमेनपॉवर लाइन 1090’ सेवा में मिली शिकायत के आधार पर कानपुर में पहली गिरफ्तारी गुरुवार को हुई। पुलिस ने चकेरी थाना क्षेत्र से एक 64 वर्षीय शोहदे को गिरफ्तार किया है। जैसा कि ‘अमर उजाला’ ने कमजोर कानून के हवाले से अंदेशा जताया था, गिरफ्तारी शांतिभंग के अंदेशे की धारा 151 के तहत की गई। 1090 के नियमों के मुताबिक पुलिस ने आरोपी और पीड़िता दोनों की पहचान गुप्त रखी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिकायत करने वाली महिला चकेरी इलाके की रहने वाली है। पीड़िता पति से अलग रहती है। शोहदा उसके बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। इसी दौरान वह महिला से छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने मंगलवार को मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में शुरू की गई 1090 सेवा में कॉल कर शिकायत की। पुलिस सूत्रों ने बताया महिला बूढ़े शोहदे से काफी परेशान थी। वह रो-रोकर शिकायत कर रही थी। 1090 सेवा से शोहदे को फोन कर उसे समझाने की कोशिश की गई लेकिन वह अपना रवैया सुधारने के बजाय पुलिस से ही अभद्रता करने लगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया शोहदे ने 1090 सेवा के पुलिसकर्मियों से कहा, ‘क्यों सिर खा रहे हो। पुलिसवाले हो चार पैसे भेजूंगा। सब सेट कर लूंगा’। काउंसलर के समझाने पर शोहदे ने फिर कहा ‘बोलो कितना पैसा चाहिये। भेजता हूं अभी’। उसे समझाने की कोशिश असफल रही तो आला अफसरों ने एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, जिस धारा के तहत एफआईआर होनी चाहिये थी, उसमें गिरफ्तारी का प्रावधान ही नहीं है। यह तकनीकी समस्या आने पर चकेरी पुलिस ने गुरुवार रात शोहदे को शांतिभंग के अंदेशे के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ के एक आला पुलिस अफसर ने बताया लीगल एडवाइज ली जा रही है कि कैसे इस प्रकार के लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जा सकता है।