कानपुर देहात। राजकोष से वेतन की मांग कर सहकारी समितियों के सचिव व अन्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इधर, जनपद की 86 समितियों में 9613 मीट्रिक टन डीएपी तालाबंदी में है। जरूरत पर किसान भटक रहे हैं। रूरा में धरना प्रदर्शन आश्वासन पर टल गया है। निजी खाद दुकानदारों से जिला कृषि अधिकारी की वार्ता में बहुत जरूरतमंद किसानों को समिति के रेट पर खाद देने पर सहमति बनी है।
जनपद में तीन लाख से अधिक पंजीकृत किसान हैं। रबी सीजन में लाही, चना, आलू, गेहूं आदि की बोवाई होनी है। इसके लिए किसानों को खाद की जरूरत है। इसमें डीएपी की मांग अधिक है। मौजूदा समय में 9613 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। 2387 मीट्रिक टन यूरिया व 7057 मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक भी समितियों में उपलब्ध है। हालांकि सहकारी समितियों के सचिव व अन्य कर्मचारी राजकोष से वेतन की मांग कर हड़ताल पर हैं। मौजूदा समय में समिति के कारोबार के अनुसार सचिव को वेतन दिया जाता है। जनपद में 86 समितियां सक्रिय हैं। इनका प्रभार 32 सचिवों पर है।
समिति कर्मियों के हड़ताल करने की वजह से समितियों में ताला लटका है। ऐसे में किसानों को जरूरत पर खाद नहीं मिल पा रही है। बीते दिनों रूरा क्षेत्र के किसानों ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता आशीष मेहता ने आसपास की आठ निजी दुकानों से समिति के दाम पर खाद दिलाने की मांग की थी। इसपर उन्होंने उप निदेशक कृषि व जिला कृषि अधिकारी को पत्र लिखा। जिला कृषि अधिकारी ने शनिवार शाम को रूरा में आसपास स्थित उर्वरक दुकानदारों से वार्ता की। इसपर सहमति बनी कि बहुत जरूरतमंद किसानों को उर्वरक उपलब्ध करा दी जाए। अंबरपुर के गोरे लाल ने बताया कि समिति खुले तो जरूरत की खाद मिले। समिति की खाद पर भरोसा है। तिगाई के रामखिलावन ने बताया कि समितियों में तालाबंदी से रबी सीजन की फसलों की बुवाई में विलंब हो रहा है।
...................
बयान......
समितियों के सचिव व अन्य कर्मी हड़ताल पर हैं। शासन स्तर पर समिति कर्मियों की वार्ता होने की जानकारी मिली है। जल्द ही कोई सहमति बनने और हड़ताल खत्म होने की उम्मीद है। इसके बाद पूर्व की तरह ही समितियों में खाद वितरण शुरू होगा। - आशीष मेहता, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता
................
रूरा सहकारी समिति में टोकन और नियमानुसार खाद वितरण का मुद्दा था। इसपर एडीओ सहकारिता के स्तर पर वितरण निगरानी पर सहमति बनी है। इधर निजी उर्वरक दुकानदारों से सहकारी समिति में तय मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने को लेकर वार्ता हुई है। बहुत जरूरतमंद किसानों को खाद उपलब्ध कराने को दुकानदार सहमत है। हालांकि अभी किसी किसान ने निजी दुकान से खाद दिलाने की मांग नहीं की है। - प्राची पांडेय, जिला कृषि अधिकारी