कानपुर देहात। मंगोलपुर स्टेडियम में कैद छुट्टा जानवरों के लिए प्रशासन की ओर से किए गए दावे हवा-हवाई निकले। ग्रामीणों के अनुसार, बीते सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने वहां पहुंच कर स्टेडियम में बंद जानवरों के चारे-पानी का प्रबंध करने की बात कही थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने अपने स्तर से पुआल आदि डालकर मवेशियों के चारे का प्रबंध किया। एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने बताया कि चारे व पानी की व्यवस्था करा दी गई है। बिलसरायां में आश्रय स्थल बुधवार की शाम तक बनकर तैयार हो जाएगा। स्टेडियम में बंद मवेशियों को वहां पहुंचा दिया जाएगा।
छुट्टा मवेशियों को घेरकर कई गांवों के किसानों ने रविवार को मंगोलपुर स्टेडियम में बंद कर दिया था। मवेशी लेकर पहुंचने वाले ग्रामीणों के बीच तनातनी होने लगी थी। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाकर स्टेडियम में बंद मवेशियों के चारे पानी का प्रबंध कराने की बात कही थी। इधर, वीरेंद्र सिंह, सोनेलाल, मुक्ता प्रसाद, रामस्वरूप आदि ग्रामीणों ने बताया कि स्टेडियम में करीब 200 गोवंश बंद है। उनके चारे-पानी के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस पर ग्रामीणों ने अपने सहयोग से वहां बंद गोवंश के चारे के लिए पुआल डलवाया है। स्टेडियम के अंदर छाया की व्यवस्था न होने पर खुले आसमान के नीचे गोवंश रात काट रहे हैं। फसलों को तबाह कर रहे गोवंश के झुंड को हिम्मापुरवा, तिलौची, नुसरतपुर, मंगोलपुर, सीधामऊ, हजारीपुरवा आदि गांवों के किसानों ने रविवार को गोवंश को घेरकर मंगोलपुर स्टेडियम में बंद कर दिया था। वहां दो गायों की मौत हो गई, उन्हें स्टेडियम के पीछे मंगलवार को दफना दिया गया।
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