कानपुर। अनवरगंज से मंधना तक प्रस्तावित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के लिए जमीन का रास्ता साफ हो गया है। पीडब्ल्यूडी से मांगी गई करीब 02.12 हेक्टेयर में से 90 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। बची जमीन भी 15 मई तक अधिग्रहीत हो जाएगी। नियमानुसार 80 प्रतिशत तक जमीन आ जाने पर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है।
फर्रुखाबाद रेलमार्ग पर अनवरगंज से मंधना तक करीब 1100 करोड़ की लागत से 15.51 किमी लंबा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनना है। सब कुछ ठीक रहा तो जून से इस कार्य का श्रीगणेश हो सकता है। रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच जमीन हैंडओवर करने का मामला अटका है। पीडब्ल्यूडी जमीन अधिग्रहीत कर रेलवे को देगा। रेलवे इसके लिए भुगतान भी कर चुका है। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि जमीन अधिग्रहण का काम 90 प्रतिशत हो चुका है। इसमें से 65 प्रतिशत जमीन रेलवे को दी भी जा चुकी है। बाकी बची जमीन भी जल्द मुहैया कराई जाएगी। कृषि विभाग पहले ही रेलवे को अपने हिस्से की जमीन दे चुका है।
यह जमीन बची है
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अनूप मिश्र ने बताया कि 90 प्रतिशत जमीन खाली कराकर रेलवे को सौंपी गई है। आईआईटी कानपुर के पास, कुछ भूमि श्रम विभाग की, मंधना के पास जमीन बची है। अभी 10 प्रतिशत जमीन रेलवे को और देनी है। कुछ एनएच पीडब्ल्यूडी के हिस्से की है जिसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। इसके अलावा, बगदौधी बांगर, परगतिया बांगर की भी कुछ जमीन देनी है। शेष जमीन 15 मई तक रेलवे को हैंडओवर कर देंगे।
वर्जन
रेलवे को जैसे ही जरूरत के मुताबिक जमीन उपलब्ध हो जाएगी, काय्र का श्रीगणेश करा देगा। रेलवे ने तो टेंडर भी जारी कर दिया है। रेलवे की ओर से काम शुरू करने में किसी तरह की कोई बाधा नहीं है। नए स्टेशन को बनाने का काम मई में ही शुरू होगा। - अभिषेक यादव, अभिषेक यादव, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, बादशाहनगर, लखनऊ