उन्नाव। सदर कोतवाली परिसर में जहर पीकर जान देने वाली शिप्रा सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी लांस नायक व उसकी पत्नी के खिलाफ रविवार को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। वहीं, मृतका का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। शव लेकर परिजन घर चले गए।
बिहार के भगवानपुर थाना क्षेत्र के भगुआ गांव निवासी शिप्रा सिंह (25) पुत्री अशोक सिंह पंजाब में एक बैंक में संविदा कर्मी थी। घर वालों ने बताया कि उन्नाव के बारासगवर थानाक्षेत्र के हिलगी गांव का मूल निवासी अनूप सिंह वहीं लांस नायक के पद पर तैनात है। अनूप का खाता उसी बैंक में था। दोनों की मुलाकात बैंक में हुई थी और दोस्ती प्यार में बदल गई। 1 जुलाई 2017 को दोनों ने विवाह कर लिया। शादी के चार महीने बाद ही शिप्रा ने नौकरी छोड़ दी थी। शिप्रा के नौकरी छोड़ने के कुछ दिन बाद अनूप छुट्टी लेकर घर आ गया। इसके बाद वापस नहीं गया था। शिप्रा ने तलाश शुरू की तो उसे अनूप के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिली। वह 25 अक्तूबर को उन्नाव आई थी। शहर कोतवाली में फौजी की पहली पत्नी गीता ने भी उसे साथ न रखने की बात कही। इससे आहत होकर उसने कोतवाली परिसर में ही जहर पी लिया। इलाज के दौरान शनिवार सुबह मौत हो गई। शनिवार रात उन्नाव पहुंचे मृतका के पिता अशोक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने फौजी अनूप सिंह व उसकी पत्नी गीता के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया है। मालूम हो कि शिप्रा की तहरीर पर पुलिस अनूप के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा पहले ही चल रहा है। कोतवाल अरुण द्विवेदी ने बताया कि रात में ही दो डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद घर वाले शव लेकर चले गए हैं। मौजूदा समय में जम्मू में तैनात अनूप सिंह के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे की सूचना सैन्य अधिकारियों को भेजी जा रही है। शहर कोतवाली प्रभारी अरुण द्विवेदी ने बताया कि दोनों की गिरफ्तार के प्रयास किए जा रहे हैं।