अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बिना बारिश और आंधी के गुरुवार को शाम 33 केवी की हाईवोल्टेज जर्जर लाइन टूटकर नीचे आ गई। कई घरों में हाईवोल्टेज करंट दौड़ गया। कई घरों के सामान फुंक गए। खफा लोगों ने हंगामा मचाते हुए लाइन की मरम्मत से बिजली कर्मियों को रोक दिया।
उधर, भूरागढ़ फीडर बंद होने से देर रात तक शहर के आधा दर्जन इलाकों सहित मटौंध नगर में अंधेरा छाया रहा। जल संस्थान के इंटेकवेल भी बंद हो गए। कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। एक्सईएन का कहना था कि उन्होंने डीएम को सूचना दे दी है।
शाम लगभग 6 बजे जरैली कोठी सुदामापुरी के पास 33 केवी लाइन टूटकर नीचे आ गिरी। इससे कई घरों में हाईवोल्टेज आ गया। कुछ घरों में इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक उपकरण व घर का सामान फुंक गया। पूरे इलाके में रोष भड़क उठा। लोग घरों से बाहर निकल आए।
तार की मरम्मत कराने पहुंचे अवर अभियंता विवेक और ठेकेदार सचिन मिश्रा के कर्मचारियों को घेर कर हंगामा किया और तार जोडन से रोक दिया। काफी देर के बाद उप खंड अधिकारी हिमांशु मौके पर पहुंचे। उन्होंने खफा लोगों को समझाया-बुझाया लेकिन वह नहीं माने।
लोगों का कहना था कि तार जर्जर था। कई ज्वाइंट थे। उनमें कई दिनों से स्पार्किंग हो रही थी। जेई को बताने के बाद भी तवज्जो नहीं दी। नतीजे में आज कई लोगों की जान जाते बची। पुलिस भी देर रात तक नहीं पहुंची। अधिशासी अभियंता को भी गुमराह किया गया।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को इस बाबत जानकारी दे दी गई है। अधिशासी अभियंता का यह भी कहना था कि मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। जबकि काम शुरू नहीं हुआ था। उधर, देर रात तक खुटला, निम्नीपार, मर्दननाका, केन रोड, क्योटरा, छिपटहरी आदि मोहल्ले अंधेरे में डूबे रहे।
33 केवी लाइन टूटने से घरों में लगी आग
भड़के उपभोक्ताओं ने रोक दिया मरम्मत का काम
देर रात तक अंधेरे में रहे भूरागढ़ फीडर के इलाके
कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा मौके पर