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धर्मापुर स्थित गोसदन में व्यवस्था औंधे मुंह

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फर्रुखाबाद। प्रदेश सरकार के कड़े निर्देशों के बाद भी गो रक्षा व गोधन संवर्धन के नाम पर महज खानापूरी ही हो रही है। जिले में करीब एक हजार बीघे जमीन पर बना गो सदन बदइंतजामी की भेंट चढ़ा है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि मौजूदा समय यहां केवल सात गाएं हैं, लेकिन इनका पेट भरने के लिए भी चारा और भूसा नहीं है। यही नहीं कब्जेदारों ने गो सदन की खाली कराई गई करीब 83 बीघा भूमि पर फिर से कब्जा कर लिया। तहसील प्रशासन ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रबंधक को आदेश दिए थे लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
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शहर से सटे गांव कटरी धर्मपुर स्थित गो सदन की देखभाल के लिए एकमात्र प्रबंधक प्रदीप सक्सेना की तैनाती है। चतुर्थ श्रेणी के चार पद रिक्त चल रहे हैं। अस्थायी तौर पर एक चौकीदार हुकुम सिंह भी देखरेख करते हैं। गो सदन की भूमि के एक बड़े हिस्से पर आसपास के ग्रामीणों का कब्जा था। हालांकि 2017 के जून में प्रशासन ने काफी जमीन को मुक्त कराया था। जमीन कब्जा मुक्त होने के बाद गो सदन के प्रबंधक को कड़े निर्देश दिए गए थे कि


वह जमीन की देखभाल करें। जमीन की देखरेख के अभाव में 10 लोगों ने गो सदन की करीब 83 बीघा भूमि फिर फसल उगा दी। जब इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को हुई तो तहसीलदार ने प्रबंधक को कब्जेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। मौजूदा समय में गो सदन में सात गाएं हैं, महज इतनी गायों के चारे और भूसा की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं है। नतीजतन गायें भूखी ही रहती हैं।
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प्रबंधक प्रदीप सक्सेना ने बताया कि चारा और भूसा के लिए बजट नहीं है। उन्होंने अपने स्तर से भूसा की व्यवस्था कर रखी है। अपनी तरफ से ही चौकीदार को भी पैसा देते हैं। स्टाफ की मांग को लेकर कुछ दिन पहले ही एसडीएम सदर के माध्यम से शासन को पत्र भिजवा चुके हैं। कब्जेदारों के बारे में जिलाधिकारी को भी अवगत करा दिया है। कब्जेदारों के खिलाफ जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।


एसडीएम सदर अजीत सिंह ने बताया कि गो सदन की भूमि पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। कब्जेदारों के खिलाफ भू माफिया एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जमीन की देखरेख के लिए समिति बनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह तो जिलाधिकारी ही तय कर सकती हैं।
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बदइंतजामी की भेंट चढ़ा धर्मपुर स्थित गो सदन
गो सदन में बंद गायों को चारा व भूसा तक नहीं, गोसदन की करीब हजार बीघे भूमि में 83 बीघे जमीन पर कब्जेदारों ने दोबारा कब्जा किया
अमर उजाला ब्यूरो
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