सेवा के नाम पर बुजुर्ग महिला की जमीन हड़पने वाले धोखेबाज पति-पत्नी से अपनी जमीन बचाने के लिए 78 वर्षीय बुजुर्ग ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उम्र से लाचार लेकिन हौसले से लबरेज वृद्धा ने पुलिस से मदद न मिलने के बावजूद न्याय की आस नहीं छोड़ी।
पीड़िता ने धोखेबाज पति-पत्नी के खिलाफ महानगर मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में परिवाद दर्ज कराया है। 12 फरवरी को कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज होंगे। चकेरी थानांतर्गत भाभा नगर निवासी 78 वर्षीय बीना शर्मा ने लाल बंगला जगईपुरवा निवासी आशा गुप्ता व उसके पति संजीत प्रसाद गुप्ता के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है।
इसमें कहा है कि बीना के पति की मौत हो चुकी है और बच्चे भी काम के सिलसिले में बाहर रहते थे। बुजुर्ग की सेवा करने के नाम पर आशा और संजीत का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया। आशा और संजीत ने बीना को प्लाट बिकवाने के लिए अपने नाम पावर ऑफ अटार्नी करने का झांसा दिया।
बीना दोनों के झांसे में आकर अटार्नी करने को तैयार हो गई। रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचने पर दोनों ने धोखाधड़ी कर बीना से अटार्नी की जगह विक्रय पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर उसकी जमीन अपने नाम करवा ली। इसके बाद उस जमीन पर बैंक से ऋण भी ले लिया।
ऋण चुकता न करने पर जब बैंक कर्मी 31 दिसंबर 2020 को बीना के प्लाट को सील करने पहुंचे तब बीना को धोखाधड़ी की जानकारी हुई। बीना के अधिवक्ता शशांक वर्मा ने बताया कि बीना ने थाने में शिकायत की लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई बल्कि छह जनवरी को दो लोगों ने बीना के घर पहुंचकर धमकी भी दी। तब बीना ने कोर्ट का सहारा लिया।