कानपुर देहात। स्कूल व काॅलेज में समरकैंप चल रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं का सामान्य तौर पर आवागमन चालू है, लेकिन विभिन्न स्कूलों के पंजीकृत वाहनों में 78 वाहन बिना फिटनेस ही बच्चों को लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जो कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। एआरटीओ ने ऐसे वाहन के संचालकों को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द कागजात पूरे किए जाने की चेतावनी दी है। ताकि बच्चों की जान को खतरे में पड़ने से बचाया जा सके।
स्कूल बसों, वैन आदि वाहनों की फिटनेस को लेकर वाहन संचालक कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि शासन के सख्त निर्देश है कि ऐसे वाहनों की समय पर फिटनेस कराई जाए। स्कूलों में चल रहे समरकैंप को देखते हुए छात्र-छात्राओं की संख्या भी अच्छी देखने को मिल रही है। वहीं सुबह व दोपहर में स्कूली बच्चों व स्टाफ को लेकर स्कूल बसों व वैन की संख्या भी सड़कों खूब दौड़ लगाती है। लेकिन जनपद में पंजीकृत स्कूली वाहनों में 78 वाहन बिना फिटनेस ही चल रहे हैं। इनसे मासूमों के लिए उत्पन्न खतरे को देखते हुए वाहनों के संचालकों को नोटिस जारी कर अतिशीघ्र फिटनेस कराने की चेतावनी दी है। बिना फिटनेस सड़क पर वाहन चलता पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
........................आठ साल वाले का दो साल बाद कराना होता है फिटनेस
नियम यह है कि आठ साल तक के नए वाहनों को हर दो साल बाद फिटनेस कराना होता है। इससे अधिक आयु वाले वाहनों को एक साल पूरा होने पर फिटनेस कराना पड़ता है। 15 साल से अधिक आयु वाले वाहनों को स्कूलों में चलाने के लिए पंजीकृत नहीं किया जाता है।
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देर से फिटनेस कराने पर प्रतिदिन 50 रुपये जुर्माना
एआरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी ने बताया कि वाहनों के फिटनेस को लेकर विभाग सख्त हो गया है, जिसका फिटनेस निर्धारित तिथि के बाद कराया जाएगा, उसे प्रतिदिन 50 रुपये शुल्क के हिसाब से अतिरिक्त जमा करना होगा। इस तरह एक माह विलंब होने पर 1500 रुपये अतिरिक्त शुल्क का देना होगा। वहीं एआरटीओ प्रवर्तन हेमलता ने कहा कि ऐसे वाहनों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। स्कूली वाहनों के प्रति प्रशासन के सख्त नियम हैं।