उन्नाव जिले में 74,666 ऐसे बच्चे हैं जिन पर जापानी इंसेफ्लाइटिस की चपेट में आने का खतरा मंडरा रहा है। इन बच्चों को खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति बनाना शुरू कर दी है।
जेई टीकाकरण से छूटे 74 हजार से अधिक बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए जिले में 25 फरवरी से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए गुरुवार को सभी चिकित्सा प्रभारियों को दिशा निर्देश दिए गए। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह ने बताया कि जापानी इंसेफ्लाइटिस को जापानी बुखार के नाम से जाना जाता है।
यह एक दिमागी बुखार है जो वायरल संक्रमण की वजह से होता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी की चपेट में अधिकतर 1 से 14 साल के बच्चे आते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को जेई से बचाने के लिए जिले में टीकाकरण अभियान चलाया गया था। हालांकि 74666 बच्चे ऐस थे जिन्हें टीका नहीं लग सका था। ऐसे में इन बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए जिले में 25 फरवरी से दोबारा अभियान शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के संबध में सभी चिकित्सा प्रभारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। 25 फरवरी से टीकाकरण सत्र के अलावा एएनएम गांव गांव में छूटे बच्चों को टीके लगाएंगी। अभियान पर स्वास्थ्य अधिकारी नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सभी बच्चों को प्रतिरक्षित कर लिया जाएगा।