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नगर निगम कानपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ 76 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दिया

Tue, 27 Nov 2018 09:11 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी के कानपुर में मंगलवार को नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ 76 पार्षदों ने अपना सामूहिक इस्तीफा महापौर प्रमिला पाण्डेय को सौंपा। जानकारी के अनुसार महापौर कक्ष में हुई मारपीट के बाद कर्मचारियों और पार्षदों में चल रहे विवाद पर ही सामूहिक स्तीफा दिया गया है। 
इस मामले में कर्मचारी यूनियन और पार्षद समझौता न करने पर अड़े हुए हैं। अधिकारियों ने इस मामले में कोई पहल नहीं की है। साथ ही भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने और जन प्रतिनिधियों ने भी कोई रुचि नहीं दिखाई है। 
 
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कानपुर नगर निगम कर्मचारियों का दस दिनों से चल रहा कार्य बहिष्कार मंगलवार को स्थगित हो गया। महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा के साथ हुई वार्ता के बाद कर्मचारी नेताओं ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया। बुधवार से निगम में सभी कार्य होंगे। तीन दिन से शास्त्री नगर और सर्वोदय नगर के वार्डों में ठप पड़ी सफाई भी शुरू होगी। 
इससे पहले मंगलवार को सदन के उपनेता महेंद्र शुक्ला ने सभी दलों के पार्षदों की बैठक निगम गेस्ट हाउस में बुलाई। इसमें भाजपा समेत सभी दलों के 76 पार्षदों ने कर्मचारी नेताओं और उनके साथियों पर मारपीट व गालीगलौज करने का आरोप लगाते हुए सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया।
 
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इन पार्षदों ने महापौर को सामूहिक इस्तीफा सौंपा। कई पार्षद तो अपनी ही सरकार को कोसते दिखे। भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि कोई भी पार्टी का बड़ा पदाधिकारी, मंत्री, विधायक उनकी परेशानी पूछने नहीं आया। दूसरी ओर, कर्मचारी नेताओं ने भी कार्य बहिष्कार करते हुए निगम परिसर में धरना दिया। दोपहर करीब तीन बजे नगर आयुक्त के अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा के बैठक से लौटने के बाद महापौर ने कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक की। इसमें दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे वापस लेने, 16 नवंबर से अब तक हुई घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराने और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होने पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक रमाकांत मिश्रा ने कहा कि बुधवार से सभी कर्मचारी काम पर लौट आएंगे।
 

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यह था मामला 
जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में तैनात कर्मचारी नासिर ने शास्त्री नगर वॉर्ड के पार्षद राघवेंद्र मिश्रा और सर्वोदय नगर के पार्षद नीरज वाजपेयी पर 16 नवंबर को मारपीट करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर रहे थे। 20 नवंबर को इस विवाद को खत्म कराने के लिए बुलाई गई बैठक में पार्षदों और कर्मचारियों में मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने स्वरूप नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आक्रोशित कर्मचारियों ने आरोपी पार्षदों की गिरफ्तारी होने तक हड़ताल की घोषणा करते हुए दो वार्डों में सफाई का काम बंद कर दिया था।
 
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शास्त्री नगर के लोग पहुंचे निगम 
सफाई कर्मियों की हड़ताल की वजह से सड़कों, गलियों में जगह-जगह गंदगी से परेशान शास्त्री नगर के लोग मंगलवार को नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पार्षदों और निगम कर्मियों की लड़ाई में क्षेत्र की जनता पिस रही है।
 
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हर कमरे में लगेंगे कैमरे 
16 और 20 नवंबर की घटना की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मारपीट वाले दिन घटना में शामिल सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की पहचान कर इन्हें बर्खास्त किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगम के सभी कमरों में कैमरे लगवाए जाएंगे। कर्मचारियों, पार्षदों और अधिकारियों को पहचान पत्र जारी होंगे ताकि अनावश्यक लोग निगम में प्रवेश न कर सके। सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों के प्रवेश पर भी अंकुश लगेगा।
-प्रमिला पांडेय, महापौर
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