कानपुर देहात। जिले में जीरो पॉवर्टी की 7373 महिलाओं को चिह्नित करने का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब इन्हें इनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही प्रशिक्षण पूरा होने पर कारोबार शुरू करने के लिए योजना के अनुसार ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वह धन अर्जित कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकें।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही है। इन सब से इतर जिले के कई परिवार ऐसे है, जिनके दरवाजे तक आजादी के साथ दशक बाद भी सरकारी योजनाएं आकर ठिठक जाती है। आज तक न तो इन्हें आवास का लाभ मिल सका और न हीं किसी सदस्य को मनरेगा के तहत रोजगार मिल सका। अब इन परिवारों को स्वरोजगार की राह दिखाई गई है। इन परिवार की 7373 महिलाओं को समूह से जोड़ा गया है।
जिला मिशन प्रबंधक अंकित ने बताया कि प्रथम चरण में जीरो पॉवर्टी की महिलाओं को चिह्नित करने का कार्य किया गया है। वहीं, दूसरे चरण में उन्हें रोजगार परक और तकनीकी प्रशिक्षण देकर आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें महिलाओं को रोजगारपरक गतिविधियों और आधुनिक कौशल से जोड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे स्वरोजगार के नए अवसर का लाभ उठा सकें। यह महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी।
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बयान.....
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में जीरो पॉवर्टी की 7373 महिलाओं को चिह्नित किए जाने का कार्य प्रथम चरण में किया गया है। दूसरे चरण में इन्हें आधुनिक कौशल व रोजगारपरक गतिविधियों के द्वारा प्रशिक्षित किए जाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण पूरा होने पर योजना के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे यह स्वयं का कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें। - अशोक कुमार, डीसी एनआरएलएम