जवाहर नगर के सबस्टेशन पर हुई आगजनी के बाद सामान समेटते पुलिसकर्मी।
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कानपुर। सोमवार रात तूफान में गई बिजली कई इलाकों में गुरुवार रात 72 घंटे बाद भी नहीं आई।इन इलाकों में त्राहि-त्राहि मची है। बिजली गुल तो पानी भी नहीं आ रहा है। लोग किसी तरह 500 रुपये प्रति घंटा जनरेटर लेकर सबमर्सिबलों से पानी भर रहे हैं। बाकी शहर का भी बुरा हाल है। अधिकतर इलाकों में काट-काट कर घंटे-दो घंटे बिजली दी जा रही है। फ्रिज बंद होने से दूध और खाने पीने का सामान खराब हो रहा है। एसी-पंखे की कौन कहे। केस्को ने मुख्य चौराहों और मुख्य मार्गों के आस-पास मोहल्लों और वीआईपी इलाकों में बड़े फॉल्ट दुरुस्त करा दिए हैं लेकिन बाकी शहर में काम धीरे चल रहा है। केस्को का सूचना तंत्र किसी को बिजली आने की जानकारी नहीं दे रहा है और न ही फॉल्ट दुुरुस्त कराने की। तमाम लोग होटलों में डेरा डाले हैं तो कई रिश्तेदारों के यहां। चार दिनों से बिजली संकट झेल रहे शहरी अवसाद का शिकार भी हो रहे हैं। कई इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या भी है।
72 घंटे तक हलाकान
इंदिरा नगर, ईडब्लूएस कालोनी, दयानंद विहार, आरएस पुरम, रूपपुर, आनंद नगर, सीटीएस बस्ती में सोमवार रात को गई बिजली करीब 72 घंटे बाद गुरुवार शाम सात बजे आई। यहां पर टूटे खंभों को दुरुस्त कराकर बिजली सामान्य की गई थी लेकिन कुछ देर बाद लोकल फॉल्ट से बिजली गुल हो गई। इंदिरा नगर निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि पूरा क्षेत्र परेशान है। गर्मी में जीना मुहाल है।
अभी भी राहत नहीं
उस्मानपुर कालोनी में सोमवार रात दस बजे गई बिजली गुरुवार रात तक नहीं आ सकी। यहां पर ट्रक की टक्कर से टूटे खंभे न बदलने से दिक्कत है। शाम को मरम्मत काम शुरू किया गया है। वहीं पनकी के सुंदर नगर के शराब ठेके के पास ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। यहां भी सोमवार रात तक बिजली नहीं लौटी।
पूरा उस्मानपुर चार दिन तक रहा परेशान
कानपुर साउथ (ब्यूरो)। उस्मानपुर में सोमवार रात को गई बिजली बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे आ सकी। चार दिन बिजली नहीं रहने से लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस गए। दूर दराज लगे हैंडपंपों से पानी भरकर ठेलों और गाड़ियों से लेकर घर पहुंचे। दोपहर को जल निगम की ओर से पानी का टैंकर भेजा गया तो लोगों की लाइन लग गई। कई जगह तो आपस में चंदा कर जनरेटर मंगवाया गया और सबमर्सिबल चालू कर पानी भरा गया। कुछ लोगों ने तो पानी के गैलन और बोतलें मंगवाकर अपनी प्यास बुझाई।
जनरेटर के पांच सौ रुपये प्रति घंटे वसूले
आम तौर पर तीन सौ से चार सौ रुपये में पूरे दिन के लिए जनरेटर देने वालों ने भी कटौती का खूब फायदा उठाया। पांच सौ रुपये प्रतिघंटे के हिसाब से पैसे वसूले।