भीतरगांव (कानपुर)। कस्बे के गांव पंचायत बेंहटा-गंभीरपुर में बनवाए गए आदर्श चरागाह में बीती गुरुवार की रात दो डीसीएम में भरकर लाए गए करीब 20 मवेशी जबरन अंदर उतरवा दिए गए। ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह ने बताया कि चरागाह के मुख्य गेट का ताला तोड़वाने के बाद मवेशियों को अंदर उतरवाया गया है। उन्होंने कार्रवाई में नर्र्वल एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी के भी साथ होने की बात कही। ग्राम प्रधान ने लिखित सूचना डीएम को भी भेजी है। बता दें कि चरागाह में पहले से ही 80 मवेशी थे, बाद में और रखने पर अव्यवस्था फैल गई। जिससे एक मवेशी की मौत गई, जबकि कई बीमार हैं।
गांव निवासी श्यामकरन, शुभम सिंह, राधेश्याम और हिमांशु यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि बीते गुरुवार की रात नर्वल एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी दो डीसीएम में मवेशी लदवाकर चरागाह आए। उन्होंने गेट की चाबी के बारे में पूछा तो बताया गया कि रात में ताला बंद करके चौकीदार घर चला जाता है। एसडीएम ने मुख्य गेट का ताला तोड़वा दिया। डीसीएम में लदे मवेशी अंदर उतरवाने के बाद चले गए। इस दौरान वाहन की ठोकर लगने से चारागाह का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया। ग्राम प्रधान धीरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह घर लौटे। बताया कि चारागाह में आकर देखा तो करीब 20 मवेशी अतिरिक्त मिले। इनमें कई बीमार और काफी कमजोर थे। बताया कि एक गाय की मौत भी हो चुकी थी। ग्राम प्रधान और गांव के लोगों ने पत्र के माध्यम से इसकी सूचना जिलाधिकारी को भी भेजी।
इधर, एसडीएम द्वारा चारागाह के गेट का ताला तोड़वाकर मवेशी अंदर उतरवाए जाने का वीडियो किसी ने वायरल कर दिया तो अफरा-तफरी मच गई। ग्राम प्रधान ने बताया कि एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी शुक्रवार की दोपहर बेंहटा गांव आए और मवेशियों के लिए व्यवस्था कराने के साथ क्षतिग्रस्त गेट की मरम्मत कराने की बात कही है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय चौहान ने बताया कि एसडीएम को कहीं पर छुट्टा मवेशी मिले होंगे। उन्होंने उनको ले जाकर गोशाला (चारागाह) में छोड़वाया होगा। उन्होंने जबरन मवेशी फेंकवाए जाने की बात से इंकार किया।