कानपुर देहात। ग्राम प्रधानों के खिलाफ शपथ पत्रों में की गई शिकायतों की जांच पूरी न होने पर डीएम ने डीपीआरओ (जिला पंचायत राज अधिकारी) कार्यालय से लंबित शिकायतों का विवरण तलब किया था। इसके बाद डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने डीपीआरओ दफ्तर में औचक छापेमारी कर फाइलें खंगाली। करीब चार घंटे चली जांच में जांच पत्रावली दबाकर खेल किए जाने का खुलासा हुआ।
प्रधानों के खिलाफ हो रही शिकायतों में कार्रवाई न होने के प्रकरण संज्ञान में आने पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव से ऐसे प्रकरणों की सूची तलब की थी, जिनकी जांच लंबित है। डीपीआरओ की ओर से 40 प्रकरण लंबित होने की सूचना दी गई थी। इस मामले में डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई थी। साथ ही उन्होंने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राजीव उपाध्याय को औचक छापेमारी कर लंबित प्रकरणों की पत्रावलियां जांचने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने डीपीआरओ दफ्तर में अचानक छापेमारी की। उन्होंने जांच संबंधी पटल सहायक अश्वनी कुमार की अलमारियां खंगाली। फाइलों की जांच करने पर लापरवाही उजागर हुई। जिसमें कुछ प्रकरण तो ऐसे पाए गए कि प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी जांच पत्रावली निस्तारित नहीं की गई। इस दौरान जांच पत्रावली दबाकर विभाग खेल करता रहा। जबकि, जांच के लिए ग्रामीण अधिकारियों के यहां चक्कर काटकर थक गए। जांच पूरी नहीं हुई। कई मामलों में तो डीएम के स्तर से अनुस्मारक जारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। जांच करीब चार घंटे चली। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जांच की गई है। जिसमें गड़बडिय़ां मिली है अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।