चित्रकूट। तीन ग्रामीणों की हत्या कर चर्चा में आया डाकू ललित पटेल क्षेत्र के कुख्यात इनामी डाकू ठोकिया का मौसेरा भाई था। जंगल में कूदने के बाद उसने ताबड़तोड़ वारदात की। जल्द बड़ा डाकू बनने के चक्कर में उसने फिल्मी अंदाज में घटनाओं को अंजाम दिया। इस कारण पुलिस के रडार पर रहा। नतीजा यह रहा कि एक डेढ़ साल के अंदर ही वह मारा गया।
भरतकूप समेत पूरे चित्रकूट, बांदा व सतना जिले में डाकू ठोकिया उर्फ डाक्टर की दहशत कई सालों तक रही। उसके मारे जाने के बाद क्षेत्र में कई डाकू सामने आए लेकिन सभी का जल्द ही अंत हो गया। जिले की सीमावर्ती नयागांव मप्र थानाक्षेत्र के पौसलहा का निवासी ललित पटेल रिश्ते में डाकू ठोकिया का मौसेरा भाई था।
बचपन से गुस्सैल स्वभाव का ललित जब से राजा ठाकुर के संपर्क में आया तो उसे जंगल की दुनिया रास आने लगी। राजा के साथ गैंग में रहकर शिवरामपुर के दो भेड़ पालक भाइयों का अपहरण कर फिरौती वसूली तो उसका हौसला बढ़ा। कुछ माह पूर्व ही राजा ठाकुर अपनी आदतों के कारण ग्रामीणों के गुस्से का शिकार हो गया। उसे जनता ने ही पकड़कर मार डाला था।
इसके बाद से ललित गैंग का सरगना बन गया। सूत्रों की मानें तो वह खुद को ठोकिया की तर्ज पर ही काम करने वाला बताता था। अपहरण के बाद फिरौती देकर छूटकर आए पीड़ितों ने इसकी पुष्टि भी की है। उसी अंदाज में उसने ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम दिया। थर पहाड़ से डाकू गोप्पा गैंग की मदद करने के आरोप में स्थानीय मुन्ना यादव के साथ दो अन्य को पकड़कर जंगल ले गया था और तीनों को मारकर शव जला दिए थे।
इसी घटना के बाद से वह पुलिस की आंख की किरकिरी बन गया लेकिन दुस्साहस दिखाते हुए डाकू ललित ने बरौंधा थाना क्षेत्र के मुठिया गांव से एक प्रधानाध्यापक का अपहरण कर चार लाख की फिरौती वसूली। सतना एसपी राजेश हिंगडकर ने बताया कि इस डाकू को मार गिराने के लिए लगातार दस दिनों से योजना बन रही थी जो आखिर में कामयाब रही।
भेड़ पालकों के अपहरण में बना इनामी
चित्रकूट। शिवरामपुर के भेड़ पालकों के अपहरण के बाद डाकू ललित को मप्र पुलिस ने दस हजार का इनामी बनाया था। इसके बाद उसने मप्र क्षेत्र में ही दो और अपहरण कर कई लोगों को धमकी दी। पुलिस से मुठभेड़ होने पर इसे तीस हजार का इनामी बनाया गया। तीन लोगों की हत्या कर शव जलाने के बाद यह पचास हजार का इनामी था। सतना एसपी के अनुसार इस पर एक लाख का इनाम किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।