केस्को अफसर हाईकोर्ट गए लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली और जुर्माना अदा करना पड़ा। बताया कि इससे खिसियाए केस्को अफसरों ने उन पर बिजली चोरी का आरोप लगाकर एक और एफआईआर दर्ज करा दी। आरोप लगाया कि चेकिंग के दौरान उन्हें केस्को की एलटी लाइन से डायरेक्ट कटिया जोड़कर बिजली चोरी करते पाया गया। पुलिस ने मामले की जांच की, तो आरोप झूठा पाए जाने पर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट भेज दी।
विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने मुकदमे के वादी केस्को प्रवर्तन दल के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी को 10 मई 2019 को नोटिस भेजकर कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए थे। विष्णु के अनुसार तीन साल से ज्यादा हो गए कोर्ट लगातार नोटिस भेज रहा है, लेकिन राजेश कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा। इसे मुकदमा लंबित है।
बिजली कनेक्शन जुड़ा नहीं, मीटर लगा नहीं लेकिन लाखों का बिल बकाया हो गया। बकाया कैसे हुआ, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं। घर पर सोलर पैनल और जनरेटर से बिजली जल रही है। लड़ाई सच्चाई और सम्मान की है। भ्रष्ट व्यवस्था के सामने घुटने नहीं टेकूंगा। -विष्णु कुमार अग्रवाल, पीड़ित