इधर, पुलिस युवती के सभी दोस्तों से संपर्क कर पूछताछ करने लगी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान मां मंजू देवी ने बताया कि अर्चना के मंगेतर नीलेश ने दिन में फोन कर बेटी को बुलाया था। इस पर पुलिस ने नीलेश का भी नंबर लेकर दोनों नंबर की लोकेशन और सीडीआर निकलवाई।
पुलिस को एक टीम को जसवंतनगर भेज कर नीलेश को थाने बुलवाया। थाने में जब सख्ती से पूछताछ की गई तो नीलेश ने बताया कि वह किसी और लड़की से प्यार से करता है और अर्चना से शादी नहीं करना चाहता है। यह बात उसने कई बार अर्चना और उसके परिवार के लोगों से कही थी, लेकिन वे लोग शादी न करने पर मुकदमा करने की धमकी देते थे।
सोमवार को मिलकर अर्चना से शादी न करने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं मानी। इसी कारण वारदात को अंजाम देना पड़ा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर रात करीब डेढ़ बजे शव को लॉयन सफारी के पास के जंगल से बरामद कर लिया।
शादी की खुशियों के बीच छाया मातम
परिवार के लोग जहां घर में शादी की तैयारियां कर रहे थे और खुशी का माहौल था, वहां एक दिन में ही मातम छा गया। अर्चना के पिता लल्ला सिंह ने बताया कि छह जुलाई को बेटी की मंगनी हुई और 16 नवंबर को शादी होनी थी। बड़ी बेटी की शादी होने के कारण घर के सभी को खुशी थी। शादी से पहले ही दहेज में साढ़े सात लाख रुपये दे दिए थे और नौ लाख रुपये 20 सिंतबर से पहले देने की बात कही थी।
यमुना में फेंक दिया था अर्चना का फोन
अर्चना की हत्या करने के बाद आरोपी ने उसका फोन स्विच ऑफ कर दिया। पहले तो वह फोन रखकर एक घंटे तक शहर में इधर-उधर घूमता रहा और जब कुछ समझ नहीं आया तो फोन को यमुना नदी में फेंक दिया।
बीएड पास कर टीईटी की तैयारी कर रही थी अर्चना
अर्चना चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। वह बीएड कर चुकी थी और टीईटी की तैयारी में लगी थी। अर्चना की मौत पर मां मंजू देवी, भाई अमित व सुमित सहित बहन रचना का रो-रो कर बुरा हाल है।