फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

56 जोड़ों ने लिए सात फेरे, 10 ने कबूला निकाह

विज्ञापन
ईको पार्क हॉल में मंडप की ओर जाते जोड़े। - फोटो : AKBARPUR
विज्ञापन
कानपुर देहात। जिले में सोमवार को पांच स्थानों पर सामूहिक विवाह समारोह हुआ। मंगल गीतों व बैंड बाजे की धुन के बीच 56 हिंदू जोड़ों ने सात फेरे लिए। वहीं 10 जोड़े निकाह हुए। हिंदू जोड़ों का विवाह गायत्री परिवार के आचार्यों व निकाह काजी ने कराए।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सोमवार को जिले में अकबरपुर, सिकंदरा, पुखरायां, डेरापुर व रसूलाबाद में 66 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। पुष्पवर्षा के बीच द्वारचार हुआ। अकबरपुर ईको पार्क में 20 हिंदू जोड़े व एक मुस्लिम जोड़ा विवाह बंधन में बंधा। डेरापुर के गुढ़ादेवी श्याम बिहारी महाविद्यालय में 10 हिंदू जोड़ों का विवाह कराया गया। रसूलाबाद के स्नेहलता गुप्ता डिग्री कालेज पांच हिंदू व पांच मुस्लिम जोड़ों का विवाह हुआ। सिकंदरा में जयसंतोषी मां मैरिज हॉल में सात हिंदू व चार मुस्लिम जोड़े एक दूजे के हुए। मंडप में वर और कन्या ने एक दूसरे के गले में जयमाल डाली और अग्रि के सात फेरे लिए। अकबरपुर के माती स्थित ईको पार्क में इलेक्ट्रानिक सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल, सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला, जिलाध्यक्ष अविनाश सिंह चौहान, डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व सीडीओ सौम्या पांडेय ने विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उपहार भेंट किए। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश जी की मूर्ति का पूजन करने के साथ हुआ।
गरीबों के लिए वरदान है योजना
माती ईको पार्क में सामूहिक विवाह समारोह में राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल ने कहा कि यह योजना गरीबों के लिए वरदान है। अब किसी गरीब पिता को बेटी के हाथ पीले करने में धन की बाधा नहीं है। कहा कि इससे दहेज कुप्रथा पर भी रोक लगी है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को बिना भेदभाव योजना का लाभ दिया जा रहा है। कहा कि बेहद गरीब परिवार की बेटी का विवाह भी सम्मान पूर्ण ढंग से होने की व्यवस्था बनी है। विधायक प्रतिभा शुक्ला व जिलाध्यक्ष अविनाश सिंह ने भी योजना को उपयोगी व जनकल्याण कारी बताया। यहां जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी मणींद्र सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता कंचन मिश्रा, शैलेश दीक्षित रहीं।
विज्ञापन

मिट्टी के कलश का हुआ प्रयोग
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मिट्टी के कलश का प्रयोग किया गया। सीडीओ ने जोड़ों को उपहार में तुलसी व सहजन का पौधा दिया। जोड़ों ने यहां बनाए गए सेल्फी प्वाइंट सेल्फी ली। कई दुल्हनों ने सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला के साथ भी सेल्फी ली। गायत्री परिवार भी भूमिका सराहनीय रही। आचार्यों ने वैदिक मंत्र बोलकर विवाह संपन्न कराया। राम सेवक, मनमोहन आदि प्रमुख रहे। संस्कृत संस्थान के दुर्गेश द्विवेदी ने भी पुरोहित की भूमिका निभाई।
विज्ञापन

----

मंडप पर फेरे लेने के लिए बैठे जोड़े।- फोटो : AKBARPUR

सामूहिक विवाह में बैठे जोड़े।- फोटो : AKBARPUR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें