जब देश भर के कई राज्यों से 300 खिलाड़ी यहां पहुंचे तो उन्हें सैफई सीमा स्थित मैनपुरी के करहल में एक मैरिज होम में ठहरा दिया गया। खिलाड़ियों का आरोप है कि यहां सुविधाएं भी नहीं दी गईं, न ही कोई आयोजन हुआ।
मंगलवार को चेन्नई के खिलाड़ियों ने बताया कि सैफई के एथलेटिक्स स्टेडियम में बताया गया कि किसी भी खेल आयोजन की कोई परमीशन नहीं ली गई है। आयोजन संबंधी पोस्टर पर दिए गए नंबर पर फोन लगाया गया तो वह नहीं मिला। वहीं प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से भी बात करने के प्रयास किए गए, लेकिन बात नहीं हो पाई।
केंद्रीय खेल मंत्रालय से संबद्धता का झांसा
खिलाड़ियों का कहना है कि तथाकथित टूर्नामेंट आयोजक ने उन्हें केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्रालय से मान्यता व नेहरू युवा केंद्र से संबद्धता का झांसा दिया था। उसने अपने संगठन को इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एंड गेम्स फेडरेशन का सदस्य और फिट इंडिया अभियान का सहयोगी भी बताया था। उसने अपना हेड ऑफिस मैनपुरी जिले के कुर्रा रोड स्थित एच-95 निकट जीबीआईसी बताया है।
मिनी ओलंपिक में इन खेलों को किया गया था शामिल
इस नेशनल गेम्स में जिन खेलों को शामिल किया गया था उनमें एथलेटिक्स, कबड्डी, हॉकी, वॉलीबॉल, कुश्ती, फुटबॉल, क्रिकेट, खो-खो, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल आदि।
इन राज्यों के आए खिलाड़ी
इसमें शामिल होने सुदूर दक्षिण के राज्य तमिलनाडु, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, हरियाणा, यूपी, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के खिलाड़ी पहुंचे हैं।
शिवपाल सिंह यादव को दर्शाया मुख्य अतिथि
खिलाड़ियों ने बताया कि मिनी ओलंपिक के फर्जी आयोजनकर्ता सनोज यादव ने आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए तैयार पोस्टरों में जसवंतनगर विधायक प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को मुख्य अतिथि दर्शाया था।
खिलाड़ियों की जुबानी
कोई गेम नहीं हुआ, हमारे व खेल के प्रति अपमान की पराकाष्ठा है। ऑनलाइन पैसे जमा कर हमसे धोखाधड़ी की गई है। पास के पेट्रोल पंप पर शौच के लिए जाना पड़ रहा है। राष्ट्रीय स्तर के खेल के नाम पर ड्रामा रचा गया है। - रमजान, हॉकी खिलाड़ी, राजस्थान
लगभग 300 खिलाड़ियों को मैरिज हॉल में ठहरा दिया गया, कोरोना से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं और सुविधाओं के नाम पर दो दिन में सिर्फ दो बार खाना मिला। - रोहित, क्रिकेट खिलाड़ी दिल्ली
टूर्नामेंट के आयोजन की तो बात छोड़िए, न ही कोई व्यवस्था और न ही कोई सुविधा दी गई। टॉयलेट तक की व्यवस्था नहीं है। लड़के-लड़कियों को एक साथ एक कमरे में भूसे की तरह भर दिया गया। - सोनू, दिल्ली का खिलाड़ी
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की स्वीकृति जरूरी
जिला क्रीड़ाधिकारी एसके लहरी ने बताया कि इस तरह के किसी आयोजन की जानकारी खेल विभाग को नहीं है। इस प्रकार के किसी आयोजन के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की मंजूरी आवश्यक है। इसके अलावा न तो जिला प्रशासन और न ही खेल विभाग से कोई परमीशन ली गई। कोरोना काल में ऐसी किसी भी गतिविधि पर प्रतिबंध है।