रनियां(कानपुर देहात)। सरवनखेड़ा ब्लाक के बिलसरायां गांव में बने गोआश्रय स्थल में बीती शनिवार की रात पांच मवेशियों की मौत हो गई। जबकि, तीन मरणासन्न हालत में पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रय स्थल में चारा पानी का प्रबंध नहीं है। रविवार सुबह मवेशियों के मरने की जानकारी पर पहुंचे लेखपाल ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शवों को जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया। इधर, एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने बताया कि सांड के हमले से गायों की मौत हुई है। वहां चारा-पानी के लिए लेखपाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
छुट्टा जानवरों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों में मवेशियों के चारे पानी का प्रबंध ठीक से नहीं हो पा रहा है। सरवनखेड़ा ब्लाक के बिलसरायां गांव में बनाए गए आश्रय स्थल में मंगोलपुर स्टेडियम से 117 मवेशी भेजे गए थे। ग्रामीण ब्रजमोहन सिंह, राजू सिंह, अरविंद चंदेल आदि ने बताया कि आश्रय स्थल में बंद मवेशियों को चारा तक नहीं दिया जा रहा है। मवेशी भूख से तड़प कर मौत के शिकार हो रहे हैं। आश्रय स्थल में छाया के लिए की गई व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। मवेशियों ने बल्लियां तोड़ दी, जिससे तिरपाल गिर गया है। मरने वाले मवेशियों में दो गाय और तीन बछड़े हैं। इसके पहले यहां पांच मवेशियों की मौत हो चुकी है।
रविवार को गोआश्रय स्थल में मरे हुए मवेशियों के शव कुत्ते नोंच रहे थे, वहां देखरेख करने वाला भी कोई नहीं था। ग्रामीणों ने वहां बंद मवेशियों की दुर्दशा देखकर एसडीएम को सूचना दी। लेखपाल संदीप कुमार ने जेसीबी बुलाकर आश्रय स्थल के परिसर में गड्ढे खुदवा कर मवेशियों को दफन कर दिया।