भीतरगांव (कानपुर)। अन्ना मवेशियों के आतंक से परेशान पतारी गांव के किसानों ने बीते शनिवार की रात खुले घूम रहे गाय-बछड़ों को हांककर परिषदीय विद्यालय में बंद कर दिया है। स्कूल के मुख्य गेट का ताला तोड़ने के बाद मवेशियों को परिसर में कैद कर दिया है जहां भूख-प्यास से तड़प रहे हैं।
पतारी गांव निवासी शिवप्रसाद, रमाकांत, बबलू सचान, अवधेश पासवान, महेश सचान, छेदालाल, रहीश अहमद और बृजेश कुमार ने बताया कि गांव के आसपास घूम रहे अन्ना गोवंश बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे परेशान गांव के लोगों ने बीते शनिवार की रात खेतों के आसपास घूम रहे 50 अन्ना मवेशी (गाय-बछड़े) हांककर परिषदीय विद्यालय परिसर में कैद कर दिए हैं। रविवार की सुबह स्कूल में बंद मवेशी भूख-प्यास से बेहाल दिखे।
गांव के प्रधान नईम अहमद ने बताया कि स्कूल परिसर में किसने मवेशी बंद किए हैं यह जानकारी नहीं हो पा रही है। लेकिन, उन्होंने भूखे मवेशियों के लिए पुआल मंगवाकर डलवा दिया है। उनके पीने के लिए पानी की व्यवस्था कराई है। सीओ घाटमपुर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि पतारी गांव के विद्यालय में अन्ना मवेशी बंद होने की घटना संज्ञान में आई है। बताया कि संबंधित हल्के के दरोगा को गांव भेजकर जानकारी कराने के साथ स्कूल परिसर में बंद मवोशियों के लिए गांववालों के माध्यम से चारे-पानी की व्यवस्था कराने को कहा है। सोमवार की सुबह स्कूल परिसर में बंद मवेशियों को वहां से हटवाया जाएगा। सजेती के मकरंदपुर गांव की तर्ज पर अन्ना मवेशियों के संरक्षण के लिए गांववालों को प्रेरित करेंगे।