कानपुर देहात। जिला एवं सत्र न्यायालय के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में चल रहे तमंचे के बल पर किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दस साल का कठोर कारावास व जुर्माने का सजा सुनाई गई।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/ अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम के सहायक शासकीय अधिवक्ता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि घाटमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 6 सितंबर 2014 को दो नामजद व तीन चार अज्ञात लोगों के खिलाफ नाबालिग बेटी को तमंचे के बल पर अपहरण कर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया था कि वह 6 सितंबर 2014 को सुबह करीब दस बजे अपनी नाबालिग पुत्री के साथ घाटमपुर गई थी। घर वापसी के दौरान सतरौली घाटमपुर निवासी प्रदीप उर्फ बीनू पुत्र बलवीर, गठोलामऊ घाटमपुर निवासी सुघर सिंह पुत्र महावीर ने अपने तीन-चार साथियों केे साथ उसके पास पहुंचे। बीनू ने गाड़ी से उतरकर तमंचा दिखाते हुए उसकी नाबालिग बेटी को गाड़ी में डालकर भाग गए। किशोरी के बरामदगी पर उसने प्रदीप उर्फ बीनू पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अजय कुमार शाही ने आरोपी प्रदीप उर्फ बीनू को बलात्कार, पॉक्सो एक्ट आदि धाराओं में दोषी मानते हुए दस साल का कठोर कारावास के साथ ही 20500 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अर्थदंड न जमा करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।