भीतरगांव (कानपुर)। विकास खंड के उमरी गांव स्थित एक निजी स्कूल में पेट के कीड़े मारने की गोली (अलबेंडाजोल) खाने के बाद बच्चों को पेट दर्द और बुखार की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते कई बच्चे बीमार पड़ गए। स्कूल प्रशासन ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग और अधिकारियों को दी। आनन-फानन एंबुलेंस भेजकर बीमार बच्चों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां कुल 44 बच्चों को भर्ती कराया गया शाम को इलाज के बाद सभी को घर भेज दिया गया। बच्चों की हालत सामान्य बताई गई है।
उमरी गांव स्थित माडर्न पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को विश्व कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को दवा खिलाई गई। जबकि, इसके बाद प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों को दवा खिलाई जानी थी। लेकिन, दवा खाने के कुछ देर बाद ही कई बच्चों ने पेटदर्द और जी मिचलाने की शिकायत की। कई बच्चों को तेज बुखार आ गया देखते ही देखते 25 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए।
स्कूल प्रशासन ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही एसीएमओ डा. एसके सिंह, नर्वल तहसीलदार प्रमोद कुमार झा और सीओ घाटमपुर शैलेंद्र कुमार सिंह आनन-फानन स्कूल पहुंचे और बीमार बच्चों को सीएचसी भेजने की कवायद शुरू की। मयंक, देवेंद्र, हर्ष, राज, नयन, आदित्य, अभिषेक, अनंता, प्रीती, दिव्यांशी, अंकिता, आयुषी, देवास, शुभम, मनीष, विवेक, आदर्श, अंश पटेल और आदर्श यादव सहित कुल 44 बच्चों को सीएचसी भीतरगांव में भर्ती कराया गया। बच्चों ने बताया कि गोली खाने के कुछ देर बाद ही उनको जी मिचलाने, पेटदर्द और बुखार की शिकायत शुरू हुई।
बीमार कम, दहशत ज्यादा
भीतरगांव (घाटमपुर)। अपर सीएमओ डा.एसके सिंह ने बताया कि अलबेंडाजाल गोली खाने के बाद कुछ बच्चों को जी मिचलाने जैसी शिकायत हो सकती है। ऐसी ही शिकायत जब कुछ बच्चों ने की तो दहशत के मारे अन्य बच्चे भी उसका शिकार होने लगे। उन्होंने बताया कि पेट के कीड़े मारने की दवा खाने से कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने खुद भी बच्चों और अभिभावकों के सामने अलबेंडाजाल गोली खाई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने एतिहयात के तौर पर स्कूल में लगी पेयजल टंकी के पानी की भी जांच की और उसके नमूने लिए।