झींझक। कर्ज में डूबे और कैंसर की बीमारी से जूझ रहे एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। शव खेत पर आम के पेड़ से अंगौछे के सहारे लटकता मिला। ग्रामीणों ने देखा तो सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी है।
मंगलपुर क्षेत्र के झींझक कस्बा के शंकरगंज मोहल्ले निवासी किसान जयराम (46) पांच वर्षों से दाहिनी आंख में कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। इसका इलाज चल रहा था। परिजनों के मुताबिक दो वर्ष पहले उसने एक बीघा खेती पर सेंट्रल बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर 20 हजार रुपये का लोन लिया था। बीमारी का इलाज कराने के चलते लोन नहीं जमा कर पाया। इससे वह परेशान रहता था। दो दिन पहले वह घर से कानपुर में कैंसर अस्पताल से दवा लेने गए थे। सोमवार कर शाम वापस लौटने के बाद वह घर पर न जाकर सीधे खेत पर चला गया।
वहीं खड़ेे आम के पेड़ से फांसी लगा कर जान दे दी। मंगलवार की सुबह खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने पेड़ से शव लटकता देखा तो सूचना परिजनों को दी। बाद में परिजनों ने सूचना पुलिस को दी। किसान की मौत पर उसके पुत्र गजेंद्र, चंद्रपाल व पुष्पेंद्र का रो रो कर बुरा हाल था। मृतक के बड़े पुत्र गजेंद्र पाल ने बताया कि पिता को कैंसर होने व बैंक का कर्ज होने से परेशान रहते थे। इसके चलते पिता ने आत्महत्या कर ली। चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के पुत्र की सूचना को फौती दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।