कानपुर देहात। किसानों से खरीदे गेहूं का क्रय केंद्रों पर सही से रखरखाव नहीं हो रहा है। शुक्रवार रात व शनिवार दोपहर हुई बारिश से रसूलाबाद, रूरा तथा नुनारी बहादुरपुर क्रय केंद्रों रखा करीब 600 बोरी गेहूं भीग गया।
जिले में शुक्रवार रात तथा शनिवार की दोपहर में जमकर बारिश हुई। इससे रसूलाबाद में साधन सहकारी समिति क्रय केंद्र पर रखा 400 बोरी गेहूं भीग गया। केंद्र प्रभारी धीरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि परिवहन ठेकेदार ममता सचान की लापरवाही से गेहूं की उठान नहीं हो सकी। इधर बारिश से गेहूं भीग गया। रूरा के मंडी समिति परिसर में खुले में तौल के लिए रखा किसानों का 100 बोरी गेहूं भीग गया।
केंद्र प्रभारी रविंद्र सचान ने बताया कि बौछार की वजह से छज्जे के नीचे रखा गेहूं आंशिक तौर पर भीग गया। वहीं मैथा के नुनारीबहादुरपुर सहकारी समिति में पीसीएफ के केंद्र पर क्रय किए गए गेहूं की भी उठान नहीं हो सकी है। खुले में रखा करीब 100 बोरी गेहूं भीग गया। केंद्र प्रभारी पंकज शुक्ला ने बताया कि बौछार से कुछ बोरियां गीली हो गई हैं।
विधायक ने की रविवार को भी गेहूं खरीद की मांग
शिवली। सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला ने सरकारी क्रय केंद्रों पर रविवार को भी गेहूं की खरीद करने की मांग की है। उन्होंने शनिवार को डीएम को मेल पर पत्र भेजा। विधायक ने कहा कि डीएम से फोन पर भी बात की गई है। किसान गेहूं बेचने के लिए अभी भी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। रविवार को तौल कराई जानी चाहिए। बता दें कि 15 जून तक गेहूं की खरीद होनी है। 13 जून को रविवार है। (संवाद)
मूंग की कटी फसल भीगी, सड़ने की आशंका
सिकंदरा/मुंगीसापुर। बारिश से खेत व खलिहान में कटी रखी मूंग की फसल भीग गई। अब किसान फसल सड़ने की आशंका से चिंतित हैं। सिकंदारा कस्बा के गुड्डू कुशवाहा, इच्छा राम दुबे, सुनील पांडेय, शिवदत्त, शिवराम चौधरी ने बताया कि बारिश से मूंग की फसल खराब होने की आशंका बनी है। मुंगीसापुर में बारिश से खेतों में पानी भर गया।
इससे संतोष तिवारी की ढाई बीघा, लाल सिंह की तीन बीघा, केशव ठाकुर की डेढ़ बीघा मूंग की कटी फसल भीग गई। उधर पुखरायां में जलालपुर के संतोष सचान, कलेनापुर के रामबाबू यादव, डीघ के श्रीपाल सोनकर ने बताया कि इस बार मूंग की फसल अच्छी दिखाई दे रही थी। बारिश अधिक हो जाने से फसल के सड़ने के आसार बन गए हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि मूंग की कटी फसल में पानी भरने से फसल बर्बाद होने की जानकारी कई किसानों से मिली है। कटी मूंग की फसल किसान ऊंचाई वाले स्थान पर रखे और तिरपाल से ढक दें। मौसम खुला होने पर तिरपाल हटा दें। फसल को पलटने से सड़न नहीं होगी।