इटावा। कम छात्र संख्या वाले जिले के 60 परिषदीय स्कूलों को बंद करने की कवायद शुरू हो गई है। इन स्कूलों के बच्चों को पास के ही परिषदीय स्कूल में विलय किया जाएगा। विद्यालयों के विलय होने की सुगबुगाहट के बीच शिक्षक संगठनों ने इस प्रक्रिया का विरोध करना भी शुरू कर दिया है। संगठनों का कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के अधिकार अधिनियम के विपरीत है।
एक ओर जहां सरकार परिषदीय स्कूलों को संवारने के लिए कायाकल्प, एमडीएम सहित कई योजनाओं का संचालन कर रही हैं। इसके बाद भी परिषदीय स्कूलों की छात्र संख्या में इजाफा नहीं हो पा रहा है। अब बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूलों का विलय होगा। जिले के 1484 परिषदीय स्कूलों में इस बार लगभग 88 हजार बच्चों का पंजीकरण हुआ है, जबकि बीते वर्ष इन विद्यालयों में लगभग 96 हजार बच्चों का पंजीकरण हुआ था।
बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार आठ हजार बच्चों की संख्या घट गई है। हालांकि विभाग का कहना है कि अभी दूसरे चरण की पंंजीकरण प्रक्रिया में बच्चों की संख्या में इजाफा देखने को मिलेगा। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से अब तक जिले में 60 स्कूल ऐसे मिले, जहां छात्र संख्या 20 से कम है। जनपद में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां विद्यार्थी दस से भी कम हैं और शिक्षक दो या उससे ज्यादा तैनात हैं।
वहीं, कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां पर पर्याप्त छात्र संख्या है और विभागीय मानक अनुसार शिक्षकों की तैनाती नहीं है। ऐसे में कम छात्रों वाले स्कूलों का विलय किया जाता है। इसको लेकर विभागीय शीर्ष अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी चरणवार विद्यालयों का विलय करने पर चर्चा हुई है। बीते वर्ष भी जिले में ऐसे 47 विद्यालय मिले थे जिनमें छात्रों की संख्या 10 या 10 से कम थी।
कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के विलय पर शिक्षकों के तर्कों से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आम जनता इस निर्णय को कैसे देखती है। इस पर गौर करने की जरूरत है। ग्रामीणों को स्वयं अपना हित-अनहित समझना चाहिए। विद्यालयों के बंद होने से बच्चों का अहित होगा, इस पर गौर करने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि इस पर जनता से जवाब मांगें कि क्या अभिभावक ऐसे निर्णय के लिए तैयार हैं। आखिर बच्चे तो उन्हीं के हैं जो कि योजनाओं के केंद्र में होने चाहिए। ऐसे आदेश निश्चित रूप से ग्रामीण जनों में शिक्षा को लेकर अरुचि एवं शिक्षा को गांव से दूर ले जाएंगे।
उपेंद्र कुमार वर्मा, जिला उपाध्यक्ष , उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
शासन के आदेश के अनुसार अभी तक जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें 20 या उससे कम छात्र संख्या वाले 60 विद्यालय है। हालांकि स्कूल विलय करने के संबंध में छात्र संख्या के साथ ही अन्य मानकों को भी देखा जाएगा। अभी सिर्फ कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को चिह्नित करके सूची शासन को भेजी गई है। आगे जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसी अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेश कुमार, बीएसए