फतेहपुर। खागा तहसील में एसडीएम, तहसीलदार और सहायक शासकीय अधिवक्ता ने मिलकर भूमाफियाओं से करीब 2700 बीघे जमीन खाली कराई है। जिले में इसे एक नजीर के रूप में देखा जा रहा है। मात्र तीन महीने में ताबड़तोड़ वाद दायर कर इसे निपटाते हुए 32 लोगों को भूमाफिया घोषित किया गया। तत्कालीन और वर्तमान करीब एक दर्जन से अधिक लेखपाल कार्रवाई के दायरे में हैं। इन पर भी एफआईआर होगी।
एसडीएम राहुल कश्यप विश्वकर्मा, तहसीलदार चंद्रशेखर यादव और सहायक शासकीय अधिवक्ता सिविल हनुमान सिंह ने 465 लोगों के कब्जे में रही 2700 बीघे जमीन को सरकारी खाते में शामिल कराया। इसके लिए एसडीएम कोर्ट में तैनात सहायक शासकीय अधिवक्ता हनुमान सिंह को 465 मुकदमे एसडीएम और तहसीलदार की अदालत में दाखिल करने पड़े। दोनों अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इसे तीन महीने में निपटा दिया। संभवतऱ् यह पहला मामला है जब जमीन संबंधी मामलों को इतनी तेजी से निस्तारित किया गया है।
एसडीएम और तहसीलदार बताते हैं कि मामले निस्तारित करने में हाईकोर्ट की रूलिंग का भी ख्याल रखा गया है। इसका फायदा यह हुआ है कि किसी भी कब्जेदार की अपील मंडलायुक्त के यहां भी मान्य नहीं हुई। तहसीलदार चंद्रशेखर यादव ने बताया कि गांव सभा की जमीन को लेखपालों से मिलकर अपने नाम दर्ज कराने मामले में 32 लोगों पर धोखाधड़ी, कूटरचना और भू माफिया की एफआईआर कराई जा चुकी है।
इस काम में शामिल रहे लेखपालों की भी भूमिका सुनिश्चित की जा रही है और तकरीबन पंद्रह लेखपाल भी कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं। इनमें से कइयों के तबादले भी चुके हैं। उन्होंने कहा कि लेखपालों के नाम और उनकी वर्तमान तैनाती पता किए जा रहे हैं। इन सभी के विरुद्ध भी एफआईआर कराई जाएगी।
सम्मानित कराएगा प्रशासन
ग्राम समाज की जमीनों को खाली कराने में सहायक शासकीय अधिवक्ता हनुमान सिंह के विशेष प्रयासों को देख खागा तहसील प्रशासन उन्हें विशेष रूप से सम्मानित कराने की तैयारी की है।
खागा तहसील प्रशासन ने चिह्नित की ऐतिहासिक/पौराणिक विरासत
खागा तहसील प्रशासन ने ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व रखने वाले मंदिरों, मस्जिदों और तालाबों एवं पुरातात्विक स्थलों का चिह्नित कराया है। तहसील प्रशासन ने इस श्रेणी के 23 स्थलों को चिह्नित कर पुरातत्व विभाग और जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी है। इस श्रेणी में सूर्य कुंड तालाब, ठा. दरियाव सिंह स्मारक, हनुमान मंदिर, पक्का तालाब, बड़े भीट बाबा, कोष मीनार, महादेव मंदिर, गौरैया माता मंदिर, अयोध्या मंदिर, रामेश्वर महादेव मंदिर, ठाकुर द्वार, मझिलगांव की मीनार, सैदनपुर कांटी मीनार, संवत हनुमान मंदिर, गढ़ी का विशाल टीला, सरकूलर माउंट डिसकाउंट किला, शक्ती माता चबूतरा, जयचंदी मस्जिद, शिवबाला मंदिर, किला खाम, अफोई का टीला, महादेव मंदिर, कुंडेश्वर महादेव मंदिर और देवदास तालाब को रखा गया है। इन स्थलों की पैमाइश भी करा दी गई है।