बांदा। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय में ‘कृषि से कृषि व्यवसाय की ओर’ विषय पर कार्यशाला में डीएम हीरा लाल ने कृषि में बांदा को मॉडल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी एक गांव को गोद लेकर उसे खेती का मॉडल बनाएं और उसी पैटर्न पर जिले को भी किसानी के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने अपने बंगले को कृषि मॉडल बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
डीएम ने विश्वविद्यालय के छात्रों को भी एक-एक गांव गोद लेने की बात कही। बताया कि खेती से ही जिले का बदलाव किया जा सकता है। कुलपति डा. यूएस गौतम ने कहा कि कृषि की नई तकनीक से वर्ष 2022 से पहले किसानों की आमदनी दोगुनी करके दिखाएंगे। उन्होने पूरे परिवार के साथ खेती करने पर जोर दिया।
सीडीओ हीरालाल, कालेज आफ एग्रीकल्चर साइंस के डीन डॉ. जीएस पवार, सहायक प्राध्यापक इंजीनियर संजय धाकड़, उद्यान विभाग के डॉ. अखिलेश मिश्रा, मृदा विज्ञान के डॉ. अमित मिश्रा, प्रगतिशील किसान असलम खां, डॉ. मयंक दुबे ने भी आय दो गुनी करने के सुझाव रखे।
-कृषि विश्वविद्यालय में कार्यशाला में जिलाधिकारी बोले
अमर उजाला ब्यूरो