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बिजली विभाग की लापरवाही ने ली युवक की जान

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अमर उजाला ब्यूरो
तेराजाकेट (कन्नौज)। ग्राम विशंभरपुर में बिजली विभाग की लापरवाही ने शुक्रवार को एक युवक की जान ले ली। विभाग कुछ दिन पूर्व आई आंधी में टूट कर गिरे पोल और तारों को ठीक नहीं कराया। शुक्रवार सुबह जमीन पर पड़े बिजली के तारों में करंट उतर आया और उसकी चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। ग्रामीणों की मानें तो बिजली विभाग ने एचटी लाइन के करीब से एलटी लाइन को क्रास गुजारा है। तारों के टकराने से करंट उतरा और हादसा हो गया।

गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के तालग्राम रोड स्थित ग्राम विशंभरपुर निवासी रामदास जाटव का पुत्र आकाश सिंह (18) शुक्रवार सुबह शौच करके लौट रहा था। गांव में सड़क किनारे लगे नीम के पेड़ से दातुन तोड़ने लगा। पेड़ के पास ही एलटी लाइन टूटी पड़ी थी, जिसमें करंट दौड़ रहा था। इसकी चपेट में आने से आकाश सिंह वहीं तड़पने लगा। आकाश को तार चिपका देख ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों की मदद से उसे छुड़ाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की जानकारी होते ही घर पर चीख पुकार मच गया।
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चार साल पहले बिछाई गई थी लाइन
तेराजाकेट। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युत योजना के तहत करीब तीन साल पहले गांव में पोल लगाकर तार बिछाए गए थे। इन तारों में आज तक करंट नहीं दौड़ा। काम बीच में रुक जाने से लोगों को योजना का लाभ भी नहीं मिल सका। कुछ दिन पूर्व आई तेज आंधी पोल और तार टूटकर गिर गए थे। जिन्हें ग्रामीणों ने समेट कर एक किनारे रख दिया था।

एचटी लाइन के करीब से गुजारी गई है एलटी लाइन
तेराजाकेट। इसे बिजली विभाग की लापरवाही ही कहेंगे कि एलटी लाइन को बिछाने के दौरान एचटी लाइन से दूरी का भी ध्यान नहीं रखा गया। एलटी और एचटी लाइन गांव में एक स्थान पर क्रास होकर गुजरी हैं। एचटी लाइन के तार ढीले होने से एलटी लाइन से छू गए और हादसे का कारण बने। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व भी इसी लाइन मे करंट दौड़ा था। उस दौैरान गांव की लाइन को खंभे से काट दिया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया था।

बुजुर्ग मां-बाप का इकलौती सहारा था
तेराजाकेट। आकाश की मौत से रामदास जाटव की जैसे दुनिया ही तितर बितर हो गई। आकाश मां-बाप का इकलौता सहारा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। हादसे के बाद से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। आकाश मेहनत मज़दूरी करके घर परिवार चलाता था। गरीबी के चलते उसकी पढ़ाई बीच मे ही रुक गई थी। मात्र दो बीघा कृषि भूमि के सहारे अब परिवार कैसे चलेगा, यह संकट भी खड़ा हो गया है। इकलौता बेटा होने के कारण पिता रामदास और मां उसकी जल्द शादी करना चाहते थे। कई बार आकाश से इस बारे में कहा भी, लेकिन वह हर बार बात को टाल जाता था। पिता के मुताबिक, आकाश की शादी होने से घर गृहस्थी की जिम्मेदारी की चिंता न होती, इसलिए बहू लाने का सपना बुन रहे थे। लेकिन अब तो उन्हें पानी देना वाला भी नहीं रहा।
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बोले जिम्मेदार
हादसा कैसे हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी। मृतक के पिता से पोस्टमार्टम कराने की बात कही थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फार्म-44 भरवा लिया है। इस फार्म के भर जाने से मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके तहत अधिशासी अभियंता की ओर से एक लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा रिपोर्ट जाने पर विद्युत सुरक्षा निदेशालय की ओर से जांच कराई जाती है। जांच में सब ठीक मिलने पर कम से कम एक लाख तक का मुआवजा और मिलता है। मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रयास करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मदद दिला सकें। जिस लाइन की चपेट में आने से हादसा हुआ है वो बिजली विभाग के पास भी नहीं है। लाइन बिछाने के दौरान कुछ तकनीकी कारणों के कारण इसे स्वीकृति नहीं दी गई और ठेकेदार का भुगतान भी नहीं कराया गया। - संतराम, अवर अभियंता, गुरसहायगंज उपकेंद्र।

बिजली विभाग की लापरवाही ने ली युवक की जान
-कुछ दिन पूर्व आई आंधी में विशंभरपुर गांव में टूटे थे पोल और तार, इनमें करंट उतरने से हुआ हादसा
-नीम के पेड़ से दातून तोड़ रहा था युवक
-पास ही पड़े बिजली के तार में चिपक गया
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