रूरा। कस्बे में बनी रेलवे क्रॉसिंग पर लोग 51 साल से ट्रेन निकलने पर जाम से जूझ रहे हैं। इस जगह पूर्व में कई बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी फंस चुके हैं। शुक्रवार को कानपुर जाते समय रूरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इसका जिक्र भी किया था।
इसके साथ ही रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) सुनील शर्मा को निर्देश दिया कि यहां जल्द रेलवे ओवरब्रिज का काम पूरा कराएं। इससे अब लोगों में जल्द ही काम पूरा होने की उम्मीद जगी है।
रूरा कस्बे में 1970 में रेलवे क्रॉसिंग बनवाई गई थी। तब से इस पर जाम की समस्या आम है। पश्चिमी केबिन पर जाम की समस्या से निजात के लिए आरओबी के निर्माण की कवायद हो रही है। 44.50 करोड़ की लागत से आरओबी बनाया जा रहा है। वर्ष 2018 में आरओबी का काम शुरू हुआ। 32 पिलर पर पुल बनना है।
2020 में लॉकडाउन के समय काम में ब्रेक रहा। अब धीमी गति से हो रहे कार्य से पुल पूरा होने का समय बढ़ गया है। फिलहाल क्रॉसिंग के उत्तरी ओर पिलर के ऊपर स्लैब बनाई जा रही है। दक्षिणी ओर के पिलर अधूरे बने हैं। वहीं पिलर बनाने से संकरी सड़क पर जाम की समस्या विकराल हो गई है।
शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर आए राष्ट्रपति ने पुरानी यादें ताजा कर केबिन क्रॉसिंग के जाम का जिक्र किया था। उन्होंने घंटों जाम में फंसने का अनुभव साझा किया था और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनील शर्मा से जल्द आरओबी निर्माण कार्य पूर्ण कराने की बात कही। इससे जल्द पुल बनने की आस जगी है।
कोरोना आपदा की वजह से काम प्रभावित हुआ। अब काम तेजी से कराया जा रहा है। जरूरत के अनुसार और तेजी लायी जाएगी। मार्च 2022 तक पुल का काम पूरा होने की उम्मीद है। - होतीलाल, सहायक अभियंता, उप्र सेतु निर्माण निगम
जल्द बने पुल तो जाम से मिले निजात
रूरा निवासी जितेंद्र यादव ने बताया कि अकबरपुर आवागमन के लिए अक्सर क्रॉसिंग पर जाम से जूझना पड़ता है। पुल निर्माण कार्य में और तेजी लाने की जरूरत है। पुल जल्द बने तो जाम से निजात मिले। वहीं विनय सेंगर कहते हैं कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में रूरा की पश्चिमी क्रॉसिंग पर जाम में घंटों फंसने का जिक्र किया था। उन्होंने पुल का निर्माण जल्द पूरा करने के लिए निर्देश भी दिए। इससे अब पुल जल्द तैयार होने की उम्मीद है।