पोलियो पीड़ितों के लिए खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने अपने खर्चे पर उनकी करेक्टिव सर्जरी (टेढ़े मेढ़े पैरों को ऑपरेशन से सही करना) कराने का फैसला लिया है। मंगलवार को अफसरों के पास आए आदेश में 15 दिन में पोलियो पीड़ितों को चिह्नित कर सूची देने को कहा है। जिले से कम से कम पांच सौ पीड़ितों के ऑपरेशन का लक्ष्य है। ऑपरेशन पांच से आठ नवंबर तक उर्सला अस्पताल में दिल्ली से आई टीम करेगी।
आदेश के मुताबिक अधिकतम 24 साल तक के पीड़ितों का ही ऑपरेशन होगा। इसके पीछे तर्क है कि इससे ज्यादा उम्र वालों के पैर सही होने की संभावना कम रहती है। प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह ने खंड विकास अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षक, सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारियों से पोलियो पीड़ितों को चिह्नित करने को कहा है। इसके लिए टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। इसके अलावा ऑपरेशन के समय पीड़ित के साथ एक तीमारदार रह सकेगा। उनके खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था जिला प्रशासन की होगी। पोलियो पीड़ितों और तीमारदारों को लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था एआरटीओ प्रशासन करेंगे। प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी ने कहा कि सर्जरी कराने के इच्छुक पोलिया पीड़ित उनके विकास भवन स्थित दफ्तर में भी अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।