आम बजट में नए कर्मचारियों को तीन साल तक पेंशन का अंशदान सरकार की ओर से जमा करने की घोषणा से शहर में 50 हजार कर्मचारियों को लाभ हो सकता है। शहर में 2.52 लाख कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की योजनाओं का लाभ पा रहे हैं। जानकारों के मुताबिक यदि नियोक्ताओं ने पहल की तो छोटे उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है।
मालूम हो कि 20 या 20 से अधिक कर्मचारी वाले संस्थान, फैक्ट्री, कारखानों पर भविष्य निधि एक्ट के प्रावधान लागू होते हैं। इसके तहत नियोक्ता को हर महीने 12 फीसदी अंशदान पीएफ विभाग में जमा करना होता है, जिसमें से 8.33 फीसदी भाग कर्मचारी के पेंशन फंड में जमा होता है, जबकि शेष पीएफ फंड में जमा होता है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एके शुक्ला के मुताबिक सरकार ने अच्छी पहल की है।
शहर छोटे उद्योग का बहुत बड़ा केंद्र है। तीन साल तक पीएफ देयता से जहां नए उद्योग लगने की संभावना बढ़ेगी। वहीं इनमें काम करने वाले नए कर्मचारी भी भविष्य निधि की योजना का लाभ उठा सकेंगे। वर्तमान में शहर में 7005 नियोक्ता रजिस्टर्ड हैं। जिनके 2.52 लाख कर्मचारी पीएफ योजना का लाभ ले रहे हैं। नए प्रावधान से कम से कम 50 हजार कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा।