कानपुर। आम बजट में कृषि क्षेत्र पर सरकार ने सबसे ज्यादा फोकस किया है। ऐसा होने से कानपुर समेत पूरे देश की आर्थिक ग्रोथ बढ़ेगी। कृषि के मजबूत होने से हर क्षेत्र में डिमांड बढ़ेगी, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर होंगे। उद्योग जगत ने कुछ रियायतें मांगी थीं, जो नहीं मिली। इस कारण इस क्षेत्र में कुछ निराशा है। काले धन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की अघोषित आय घोषणा स्कीम बढ़ने से अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चेंबर में बजट के बाद हुई परिचर्चा में यह जानकारी एक्सपर्ट ने दी।
चेंबर के अध्यक्ष डॉ. इंद्रमोहन रोहतगी ने कहा कि कमजोर और मध्य वर्ग के लिए बजट में कई अच्छे प्रावधान किए गए हैं। किसी भी प्रकार का कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। ये सरकार का अच्छा कदम है। चेंबर के सदस्य सुशील शर्मा ने बताया कि बजट में एमएसएमई के लिए एक्साइज छूट 1.5 करोड़ बढ़ाकर 5 करोड़ करने की मांग की गई थी। जिसे नहीं बढ़ाया गया है। काउंसिल मेंबर मुकुल टंडन ने बताया कि बजट में कृषि क्षेत्र को तरजीह दी गई है। जो पूरी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा। कर सुधार के तहत छोटे व्यापारियों को मुकदमों से राहत दी गई। बालकृष्ण लाहोटी ने बताया कि कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आने से इस क्षेत्र के अलावा अन्य सभी क्षेत्रों को लाभ होगा। प्रेम मनोहर गुप्ता ने बताया की जीएसटी पर सरकार की कोई घोषणा नहीं कि गई। इससे कारोबारी निराश हैं। चेंबर के सदस्य आरआर जैन, धर्मेंद्र शर्मा, सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव और ओपी अग्रवाल ने बजट को कर सुधार की दिशा बढ़ने वाला बजट बताया।