कानपुर देहात। करीब 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी व इसके साथ हुई बारिश से जगह-जगह तार व पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बुधवार मध्यरात्रि में जिले की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई। गुरुवार को भी पूरा दिन बिजली गुल रही। उमस भरी गर्मी में लोग पसीने से तरबतर रहे।
मौसम वैज्ञानिकों ने आंधी बारिश की संभावना जताई थी। इसका असर बुधवार मध्यरात्रि को दिखा। पहले धूल भरी आंधी चली फिर बारिश हुई। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए। छप्पर, टिनशेड उड़ गए। पेड़ों की टहनियां गिरने से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। करीब 500 से अधिक पोल टूट गए। 0मेन लाइनों के तार व पोल संग एलटी लाइनें क्षतिग्रस्त होने से अकबरपुर, रूरा, डेरापुर, संदलपुर, झींझक, पुखरायां, रनियां समेत सभी 47 उपकेंद्र रात 12 बजे ठप हो गए। पूरी रात जिले के 2.75 लाख घरों की बिजली गुल रही।
गुरुवार सुबह बिजली लाइनों की पेट्रोलिंग शुरू कराई गई। नए पोल लगाकर पहले उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास शुरू हुए। दोपहर बाद तक रनियां, जैनपुर, डेरापुर, रूरा, शोभन, शिवली समेत 27 उपकेंद्रों की बिजली ठीक करा ली गई। मगर 11 केवी लाइनों में फाल्ट दुरुस्त न होने से घरों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल किल्लत रही। इधर 18 घंटे बाद शाम को रनियां, जैनपुर, शिवली, पुखरायां समेत कुछ नगरीय क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।
वहीं अकबरपुर में 24 घंटे बाद भी गुरूवार रात 12 बज तक बिजली नहीं आई। प्रभारी अधीक्षण अभियंता सुमित व्यास ने बताया कि आंधी में पोल व बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उपकेंद्रों की 33 केवी लाइनें पहली प्राथमिकता में ठीक कराई गई। इसके बाद नगरीय क्षेत्र में बिजली आपूर्ती बहाल की गई। कई गांवों में देर रात तक बिजली आपूर्ति सुचारु होने की उम्मीद है। शुक्रवार को बचे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाली के प्रयास किए जाएंगे।