शिवली(कानपुर देहात)। मैथा नहर में बीती शनिवार को 37 मवेशियों शव पड़े मिले। इसमें 35 गोवंश, जबकि दो अन्य पशुओं के शव मिले। इतनी बड़ी संख्या में शव पड़े होने की जानकारी होने पर ग्रामीण जुट गए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और डाक्टरों की टीम बुलाकर पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने निमोनिया और पेट फूलने से मौत की बात कही। सभी मवेशियों के शवों के नहर के पास खड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया।
बीते शनिवार को मैथा नहर में हरिकिशनपुर पुल से लेकर भंगापुरवा पुल तक बड़ी संख्या में मवेशियों के शव पड़े मिले। ग्रामीणों ने एसडीएम राम शिरोमणि को सूचना दी। ग्रामीणों के मुताबिक, शव कई दिन पुराने हैं। आशंका है कि नहर में बहकर आए थे। इसी बीच नहर टूटने पर पानी का बहाव बंद हो गया। वह नहर में पड़े रह गए। गोवंश के शव नहर में पड़े होने की चर्चा होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना पाकर एसडीएम राम शिरोमणि भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने चौकी इंचार्ज भाऊपुर राजीव कुमार और पशु चिकित्सक कामता प्रसाद को मौके पर बुलाया।
पशु चिकित्सक ने सभी शवों का पोस्टमार्टम किया। डॉ कामता प्रसाद ने बताया कि कुल 37 मवेशियों के शव थे, जिसमें 35 गोवंश है और एक बकरी व एक भैंस के बच्चे का शव है। पोस्टमार्टम में निमोनिया व पेट फूलने से मौत होने की बात सामने आई है। एसडीएम ने बताया कि शव बहकर आने की संभावना है। पानी का बहाव टूटने पर वह नहर में दिखे। उन्हें जेसीबी से गहरे गड्ढे खोदकर दफनवा दिया गया है।