अमर उजाला ब्यूरो
बहुआ (फतेहपुर)। गाजीपुर रजबहा में रविवार को कटी खांदी 24 घंटे बीतने के बाद भी नहीं बांधी गई है। पानी के तेज बहाव से नहर की पटरी करीब 10 फुट कट गई है। खांदी के पानी से करीब 100 बीघा फसलों में पानी भर गया है। किसानों ने दो बार खांदी के पानी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव की वजह से नाकाम रहे।
बहुआ ब्लाक के लदिगवां गांव के पास रविवार रात को रजबहा में खांदी कट गई। नहर के बगल की फसलों में करीब पांच फुट पानी भर गया है। गांव के फूलचंद्र की तीन बीघा, राधे आरख की दो बीघा, रमेश प्रजापति की तीन बीघा, मुन्ना पटेल व गन्नू की पांच-पांच बीघा, गुलाब पटेल की दो बीघा, कमल की पांच बीघा, भुवनेंद्र की तीन, रंजीत की ढाई बीघा, रामपाल आरख की ढाई बीघा, विमल की छह बीघा गेहूं की फसल में पानी भर गया है।
इसी प्रकार गोवर्द्धन के चार बीघा चना, भारती देवी का साढ़े तीन बीघा चना के खेत में पानी भर गया है। किसानों का कहना है कि फोन से अधिकारियों को सूचना दी गई है, लेकिन कोई मौके पर देखने तक नहीं आया है। पानी के अधिक भरने से बहुत सी फसल डूब गई है। जो नहीं डूबी है, वह पानी में गिर गई है।
अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि रजबहा के पानी का बहाव रोकने के लिए ऊपर से बंद करा दिया गया है। खांदी बांधने के लिए अवर अभियंता को निर्देश दिया गया है।
किसानों ने केसीसी से लिया है लोन
रबी फसल की बुआई में खाद, बीज के लिए किसानों ने लोन लिया है। खांदी का पानी फसलों में भर जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। केसीसी का रुपया जमा करना तो दूर, किसानों को परिवार के पालन पोषण के लिए गेहूं और मवेशियों के लिए भूसा का संकट दिखाई दे रहा है। किसान हरिओम ने बताया कि केसीसी से 50 हजार रुपये लिए हैं। किसान भुवनेंद्र ने बताया कि एक लाख 30 हजार रुपये केसीसी से लोन लिए हैं। लल्लू सिंह ने 80 हजार रुपये का लोन लिया है। इन किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से तैयार फसलें पानी में डूब गई हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अभी तक खांदी नहीं बंधवाई है। राजस्व विभाग की टीम ने भी सुधि नहीं ली है।