नवाबगंज। नलकूप में इंजन का पंखा खोलते के दौरान मिट्टी धसकने से दबे वृद्ध के शव को करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका। मेडिकल परीक्षण में मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
नवाबगंज के गांव धुबियान नगला निवासी सालिगराम रविवार को खेत में बोरवेल में इंजन का पंखा खराब होने पर उसको निकालने के लिए पुत्र ओमप्रकाश के साथ गया था। करीब 30 फीट गहरे नलकूप में रस्सी और इंजन के पट्टे के सहारे उतरा था। पंखा खुलने पर पुत्र के खींचने पर अचानक मिट्टी धंसने से सालिगराम दब गया था। इसकी
जानकारी पर तहसीलदार गजेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष रजनीश चौहान पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। शव को निकलवाने के लिए रविवार की शाम करीब चार बजे से जेसीबी से बोरवेल के दोनों ओर खुदाई शुरू कराई गई। शाम छह बजे तक 10 फीट खुदाई होने पर दूसरी जेसीबी से मंगाई गई। रात करीब 12.10 बजे बोरवेल के दोनों
ओर 30 फीट खुदाई होने पर ग्रामीणों कौर पुलिस ने गड्ढे में घुस कर मिट्टी हटा कर सालिगराम का शव बाहर निकाला। शव निकालते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ओमप्रकाश ने बताया कि बोरवेल की मिट्टी धंसने से पिता की मौत गई है।
तहसीलदार गजेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक वृद्ध के पास जमीन है। उसके परिजनों को प्रधानमंत्री किसान दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाया जाएगा। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आख्या बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बाद पांच लाख रुपये अनुदान मिलेगा।
किसान के बोरवेल की मिट्टी धंसने से दब जाने पर उसको निकालने के लिए खुदाई के समय आसपास गांवों के सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रही। रात में पुलिस ने प्रकाश की व्यवस्था कर खुदाई कराई। इस दौरान कई बार भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
आठ घंटे बाद निकाला जा सका शव
रविवार को खराब पड़े इंजन का पंखा खोलने के लिए वृद्ध नलकूप में उतरा था
दो जेसीबी की मदद से नलकूप के पास देर रात तक खुदाई कर निकाला गया शव
अमर उजाला ब्यूरो