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बिजली विभाग में खेल का खुलासा1

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अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद। ओवर लोड ट्रांसफार्मरों के स्थान पर अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने के टेंडर में खेल हुआ है। विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से टेंडर के पहले ही स्टोर से क्षमता वृद्धि के अधिकांश ट्रांसफार्मरों को उठान हो गया। कई ट्रांसफार्मरों के गेट पास स्टोर से कट चुके हैं, लेकिन वह निर्धारित स्थान पर पहुंचने से पहले गायब हो गए है।

विधान सभा चुनाव से पूर्व ग्रामीण इलाकों के 172 ओवर लोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि हुई थी। पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर नया लगाने को 15 जून 2017 में टेंडर अधीक्षण अभियंता कार्यालय से गुपचुप तरीके से निकाले गए। एसडीओ प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्षेत्र के टेंडर तीन फर्मों ने 28 जून 2017 को डाले और प्रत्येक फर्म को एक-एक एसडीओ के क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लगाने का काम दिया गया।
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एक ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पांच हजार रुपये शुल्क तय किया गया। स्टोर से ट्रांसफार्मर उठाने का एग्रीमेंट 22 जुलाई 2017 को ठेकेदारों को किया गया। जिसकी कापी अभी तक अधिशासी अभियंता कार्यालय में नहीं आई है। इसके बावजूद स्टोर से क्षमता वृद्धि के ट्रांसफार्मरों का ठेकेदारों ने उठान शुरू कर दिया। 172 ट्रांसफार्मरों में से लगभग 64 ट्रांसफार्मर स्टोर से उठ चुके है। जिनका गेट



पास स्टोर से कट चुका है। कायमगंज के चिलाका गांव के लिए ट्रांसफार्मर उठान का गेटपास स्टोर से कट गया, लेकिन ट्रांसफार्मर अभी तक गांव में नहीं पहुंचा है। ऐसे ही करीब 10 से 15 ट्रांसफार्मर गेट पास कटने के बाद निर्धारित स्थानों पर नहीं पहुंचे है। एक्सईएन ग्रामीण जीएस कशेरवाल ने बताया कि गेटपास कटने के बाद ट्रांसफार्मर गांव में नहीं पहुंचा है, यह मामला सामने आया है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी।

ग्रामीण इलाकों के जर्जर तारों को बदलने में भी गोलमाल का मामला सामने आया है। कामों की जांच हुए बगैर भुगतान कर दिया गया है। वहीं प्रबंध निदेशक ने अधीक्षण अभियंता से जांच रिपोर्ट मांगी है। 2016-17 में ग्रामीण इलाकों के जर्जर तारों को बदलने का काम कराने के लिए करीब दो सौ पैकेज पास हुए थे। जिनको बिना टेंडर के ठेकेदारों को काम सौंपा गया था। इसमें ठेकेदारों ने खेल किया। स्टोर से सामग्री का उठान करने के बाद कई फीडरों की जर्जर 11 हजार लाइन को नहीं बदलवाया।


इसकी शिकायतें होने पर प्रबंध निदेशक विद्युत ने 2015-16 व 2016-17 के पास हुए स्टीमेट की सूची और कराए गए कामों की सत्यापन रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता से करीब 15 दिन पूर्व मांगी थी। अभी तक वर्ष 2016-17 के पास हुए स्टीमेट की रिपोर्ट तैयार कर सत्यापन के लिए अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन ग्रामीण के पास भेजी है। जिनका अभी तक सत्यापन तक पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 13 से अधिक कामों का भुगतान अवर अभियंता के एमबी बनाए जाने पर विभाग ने ठेकेदारों को कर दिया है।
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बकाया कामों का भुगतान कराने में ठेकेदार जुगत में लगे हुए है। एक्सईएन ग्रामीण जीएस कशेरवाल ने बताया कि उन्होंने किसी का भुगतान नहीं किया है। पूर्व एक्सईएन ने भुगतान किए थे। अधीक्षण अभियंता एसके मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में जानकारी की जाएगी।

बिजली विभाग में ‘खेल’ का खुलासा
स्टोर से गेटपास करने के बाद गायब हो गए ट्रांसफार्मर
अफसर और ठेकेदारों की मिलीभगत से टेंडरों में हुआ खेल
करार होेने से पहले स्टोर से अधिकांश ट्रांसफार्मरों का हुआ उठान
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