अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज/गुगरापुर। गंगा नदी का जलस्तर 124.600 से घटकर गुरुवार की देर रात के बाद 124.550 पहुंच गया है। इससे क्षेत्र के किसानाें ने राहत की सांस ली है। गुगरापुर ब्लाक क्षेत्र में काली नदी में आए उफान से किसानों की फसलें जलमगभन हो गईं थीं। इससे किसानों ने गुरुवार को फसल नष्ट होने की चिंता जाहिर की थी। लेकिन जलस्तर घटने से किसान व प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बीते सप्ताह हुई बारिश के बाद नरौरा और हरिद्वार बांध से गंगा में पानी छोड़ा गया था। इससे गंगा का जलस्तर बुधवार को 124.100 से बढ़कर 124.600 पहुंच गया था। कटरी के खेतों तक गंगा का पानी पहुंच गया। काली नदी भी उफना गई थी। इससे करीब आधा दर्जन गांवाें की फसलें जलमग्न हो र्गइं थीं। लेकिन गुुरुवार देर रात गंगा का जलस्तर घटना शुरु हो गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गुरुवार की रात गंगा जलस्तर 124.600 से घटकर 124.550 पर पहुंच गया है। इससे क्षेत्र पट्टी मटेना, गड़िया बलीदादपुर, तराईपुर्वा, मुर्रा, हड़हापुर्वा गांव के किसानाें ने राहत की सांस ली है। वहीं गंगा किनारे बसे गांव कासिमपुर व बख्शीपुर्वा, चौधरियापुर, मेंहदीपुर के ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात पानी घटा है। इससे उन्हें अब कोई चिंता नहीं है। सदर तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी ने बताया कि वह मामले पर नजर रखे हुए हैं। किसानाें व ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
फिर बढ़ सकता है जलस्तर
कन्नौज। नरौरा बांध से गुरुवार को 28660 क्यूसेक और हरिद्वार से 36876 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। ये पानी शनिवार रात या फिर रविवार सुबह तक यहां पहुंचेगा। एक साथ इतना पानी बढ़ने से गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। जिन किसानों के खेत गंगा या फिर काली नदी से लगे हुए हैं, उन्हें परेशानी हो सकती है।
गंगा का जलस्तर घटा, काली नदी भी शांत
-जलस्तर घटने से किसानों ने ली राहत की सांस
-124.600 मीटर पहुंचा गंगा जलस्तर
-124.970 मीटर है चेतावनी बिंदु