कानपुर देहात। मिट्टी की सेहत की जांच के लिए खरीफ सीजन में 4100 नमूनों की जांच का लक्ष्य है। अधिकांश नमूने लिए जा चुके हैं। अब लैब में इनकी जांच की जाएगी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को दिया जाएगा। कार्ड में की गई सिफारिश के अनुसार उर्वरक प्रयोग कर किसान उत्पादन व मिट्टी की सेहत सुधार सकेंगे।
जनपद में 10 ब्लॉक में करीब तीन लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं। कई बार किसान मनमानी यूरिया व अन्य रासायनिक खादों का प्रयोग करते हैं। इसका खराब असर मिट्टी की सेहत पर पड़ता है। जरूरत के अनुसार ही रासायनिक खाद का प्रयोग हो इसके लिए लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में खरीफ सीजन में मिट्टी की सेहत जांचने के लिए 4100 नमूने लेने का लक्ष्य है। अधिकांश नमूने लिए जा चुके हैं। अब बारा स्थित कृषि विभाग की प्रयोगशाला में इन नमूनों की जांच कराई जाएगी।
इसके बाद परिणाम के अनुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएंगे। वहीं तिलहन योजना में प्रति ब्लॉक बीस मिट्टी नमूनों की जांच का लक्ष्य है। कुल दो सौ मिट्टी नमूने जांचे जाएंगे। इसके तहत भी मिट्टी के नमूने संकलित किए गए हैं।
रबी सीजन में मिट्टी की जांच में सात तत्वों की कमी पाई गई: कृषि विभाग ने रबी सीजन में कुल बीस हजार नमूनों की जांच कराई थी। प्रयोगशाला में मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, आर्गेनिक कार्बन, सल्फर, आयरन, जिंक, कॉपर, बोरॉन और मैंगनीज तत्वों की जांच के साथ पोटेशियल ऑफ हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी की परखी गई। इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, आर्गेनिक कार्बन, सल्फर, आयरन, जिंक व बोरॉन तत्व की मिट्टी में कमी पाई गई थी।