कुल पांच नमूने लिए गए हैं, जांच के लिए भेजा लैब
श्री द्विवेदी ने फैक्टरी में विभिन्न ब्रांड के नकली तेल बनाए जाने और मिलावटी तेल तैयार किए जाने की आशंका जताई है। इसके अलावा भी कई अन्य अनियमितताएं मिली हैं। इसके चलते राइसब्रान का एक खुला नमूना, कुसुम ब्रांड के सरसों के तेल, रिफाइंड, सोयाबीन तेल समेत कुल पांच नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है।
एक्सपायरी के एक-दो महीने तक तेल खाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। अगर एक्सपायरी के बाद बहुत पुराना हो गया तो टॉक्सिटी हो सकती है। इसका बुरा असर, लिवर, गुर्दा और पाचन तंत्र पर आ सकता है। -डॉ. जेएस कुशवाहा, सीनियर फिजीशियन, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
कंपनी का तेल तीन साल तक नुकसान नहीं करता है। बशर्ते वह सील पैक रहा हो। खुला तेल ऑक्सीजन के संपर्क में आकर घातक हो जाता है। इससे कैंसर तक हो सकता है। -प्रो. आरके द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष ऑयल विभाग, एचबीटीयू