कानपुर। शहर के करीब 3.50 लाख भवन स्वामियों को गृहकर, जलकर और सीवर कर के बकाये में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ मिलेगा। शासन की गाइडलाइन जारी होने के बाद नगर निगम और जलकल विभाग ने योजना को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बकायेदार एकमुश्त या अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान कर 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज में राहत पा सकेंगे।
नगर निगम में करीब 4.68 लाख करदाता हैं जिनमें लगभग 3.50 लाख ऐसे हैं जिन्होंने दो या उससे अधिक वर्षों से कर जमा नहीं किया है। नगर निगम के अनुसार इन बकायेदारों का करीब 200 करोड़ रुपये ब्याज माफ होने की संभावना है। योजना में एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाये शामिल होंगे और यह 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी। एक लाख रुपये के बकाये पर करदाता को पहली किस्त के रूप में एक तिहाई राशि 30 दिन में जमा करनी होगी जबकि शेष राशि दो मासिक किस्तों में देनी होगी। योजना से पहले जमा की गई राशि की वापसी नहीं होगी। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकेंगे।
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि योजना घरेलू, व्यावसायिक और मिश्रित सभी श्रेणियों के करदाताओं पर लागू होगी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विजय कुमार सिंह के अनुसार नगर निगम को बकायेदारों से करीब 500 करोड़ रुपये की वसूली करनी है। जलकल के सचिव ईश्वर सिंह ने बताया कि विभाग भी जल और सीवर कर में मिलने वाली राहत का आकलन कर रहा है। उधर उत्तर प्रदेश श्रमिक बस्ती महासंघ के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र दीक्षित ने नगर निगम में ओटीएस स्कीम लागू किए जाने का स्वागत किया है।