रसूलाबाद। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र में नाम कटने वाली सूची वाले मतदाताओं का 35 फीसदी सत्यापन पूरा हो गया है। वहीं 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग कार्य तेजी से कराया जा रहा है। मैपिंग में चार विधानसभा में रसूलाबाद आगे है।
रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र के कुल 246 बूथ हैं। नाम काटने वाली सूची के सत्यापन का काम अब तक लगभग 35 फीसदी पूरा हो गया है। इसमें करीब 86 बूथ शामिल है। अभियान के तहत बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों एवं राजनीतिक दलों के बूथ बीएलए के साथ समन्वय कर 2003 की मतदाता सूची से मतदाताओं की मैपिंग कर रहे हैं। नाम कटने वाली सूची के सत्यापन में स्थानांतरित, अनुपस्थित, मृतकों की पुष्टि बीएलए से कराई जा रही है।
अब करीब 50 हजार मतदाताओं की मैपिंग शेष है। करीब 14 हजार अनुपस्थित व 26 हजार स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन शेष है। ईआरओ/एसडीएम सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि शेष बूथों पर भी यह कार्य समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से पूरा कर लिया जाएगा। किसी पात्र मतदाता का नाम सूची ने नहीं काटा जाएगा। एसआईआर में मतदाता सूची को सही करना है। बीएलओ, ग्राम स्तरीय जनप्रतिनिधियों व राजनीतिक दलों के सहयोग से सत्यापन कराया जा रहा है।
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अकबरपुर-रनियां में 61 हजार मतदाताओं की मैपिंग बनी चुनौती
कानपुर देहात। अकबरपुर-रनियां में डिजिटाइजेशन का काम जितनी तेजी से कराया गया था उतनी तेजी मैपिंग में नहीं दिख रही है। स्थिति ये है कि चार विधानसभाओं में सबसे कम मैपिंग यहां ही हो सकी है। करीब 61 हजार मतदाताओं की मैपिंग चुनौती बनी है। बीएलओ के संपर्क करने पर मतदाता वर्ष 2003 में दर्ज नाम का ब्योरा नहीं दे पा रहे हैं। इसमें शादी होकर आई महिलाएं अधिक हैं। वहीं दूसरे स्थान पर आकर बसे मतदाता भी पूर्व की विधानसभा में दर्ज नाम का ब्योरा ना दे पाना प्रमुख है। सिकंदरा में करीब 50 हजार मतदाताओं की मैपिंग शेष है तो वहीं भोगनीपुर में करीब 55 हजार मतदाताओं की मैपिंग बाकी है। (संवाद)