फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: 87 करोड़ की जीएसटी चोरी में 316 पेज की चार्जशीट दाखिल

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। फर्जी कंपनियों और फर्जी बिल के सहारे करोड़ों रुपये का फर्जी टर्नओवर करके 87 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने के आरोप में जेल भेजे गए लोहा स्क्रैप के तीन कारोबारियों के खिलाफ 316 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंदेश सिंह ने चार्जशीट का संज्ञान भी ले लिया है। जेल से हाजिर हुए तीनों अभियुक्तों को चार्जशीट की प्रति भी दे दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी।
विज्ञापन


डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) कानपुर की टीम ने तीन दिन में 14 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद आयरन स्क्रैप के कारोबार में लिप्त यशोदानगर के राजीवनगर निवासी संजीव कुमार दीक्षित, हरिहरनाथ शास्त्रीनगर निवासी रोहित मिश्रा और कोयलानगर निवासी विपरेंद्र कुमार उपाध्याय उर्फ विकास को 14 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने बताया कि संजीव की फर्म में विपरेंद्र एकाउंटेंट था। विपरेंद्र सहअभियुक्त संजीव दीक्षित व रोहित मिश्रा के सिंडीकेट का सदस्य भी है। यह लोग फर्जी तरीके से जीएसटी इनवाइस, फर्जी ई-वे बिल जनरेट कर फर्जी फर्म के नाम से जीएसटी रिटर्न दाखिल कर इनपुट क्रेडिट प्राप्त करते थे। तीनों लोग फर्जी फर्म के नाम से प्रपत्र तैयार करके भारी कर चोरी करते थे। शुरुआती जांच में इन पर 27 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर 87 करोड़ रुपये जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। जांच अभी जारी है। फर्म का कारोबार उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में भी चलता था। जांच टीम अन्य प्रदेशों में जाकर जांच कर रही है। छह और लोग जांच के दायरे में हैं। जांच पूरी होने पर अन्य लोगों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। मुकदमे में तीनों आरोपी जेल में बंद हैं। विपरेंद्र की जमानत अर्जी भी सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है, हालांकि दो अन्य आरोपियों ने अभी जमानत अर्जी दाखिल ही नहीं की है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें