फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीतरगांव की बेटी ने कोलंबो शिखर सम्मेलन में बढ़ाया मान

विज्ञापन
विज्ञापन
भीतरगांव (कानपुर)। क्षेत्र के गांव गोपालपुर (साढ़) निवासी किसान की बेटी ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुए अंतर्राष्ट्रीय युवा शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करके देश का मान बढ़ाया। उसकी इस उपलब्धि पर गांव के लोग भी अपने को गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन

गोपालपुर गांव निवासी दिनेश यादव गांव के ग्राम प्रधान रह चुके हैं। उनकी बेटी प्रतिज्ञा यादव (21) वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी में एमएससी की शिक्षा ग्रहण कर रही है। बीते 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित साउथ एशियन यूथ अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधि मंडल के साथ भाग लेने गई थी। टीम में चार अन्य छात्राएं भी थीं।
सम्मेलन में भारत और श्रीलंका के अलावा भूटान, बांग्ला देश, म्यांमनार, पाकिस्तान, मालदीव, फिलीपींस, मॉरिशस, सिंगापुर, मलेशिया, जापान, चीन, अफगानिस्तान और नेपाल सहित विश्व के कुल 70 देशों के 400 युवाओं और 8 देशों के महासचिवों ने शिरकत की। आयोजन का उद्देश्य युवा उत्थान, समतामूलक विकास, शिक्षा युवा और पड़ोसी देशों से आपसी संबंध के साथ ही रचनात्मक कार्यों के बढ़ावा के साथ ही सामाजिक संदेशों के आदान-प्रदान सहित कई अहम मुददे रखे गए थे। बता दें कि सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अंतर्राष्ट्रीय युवा समिति, भारत सरकार ने किया। देश से चार लड़कियां और 21 लड़कों का चयन किया था।
विज्ञापन

शिखर सम्मेलन से वापस लौटने के बाद फोन पर अमर उजाला से वार्ता के दौरान बताया कि उसने गोपालपुर गांव के परिषदीय स्कूल में प्राथमिक शिक्षा पाई है। हाईस्कूल की शिक्षा कानपुर के मदर टेरेसा कालेज से पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आई। युवाओं को संदेश दिया कि कोई भी परिस्थिति कभी विपरीत नहीं होती है। सिर्फ उससे निपटने के लिए हौसला और दृढ़ संकल्प होना चाहिए। अपनी कामयाबी के पीछे पिता दिनेश यादव और माता राजरानी के साथ ही बड़ी बहन आरती का योगदान बताया।

पाकिस्तानी युवा आतंकवाद पर बोलने से कतराए
छात्रा प्रतिज्ञा यादव ने बताया कि जिस समय शिखर सम्मेलन में भारत-पाक के रिश्ते मधुर कैसे बनें, इस विषय पर चर्चा शुरू हुई और दोनों देशों के युवाओं को अपनी-अपनी बात रखने का मौका दिया गया तो पाकिस्तानी युवा इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से कतराते नजर आए। भारत का नंबर आने पर प्रतिज्ञा यादव ने मंच पर पूरे विश्वास और जोश-खरोश के कई अहम मुद्दों को समिति के सामने रखा तो कई पड़ोसी देशों के प्रतिनिधियों ने उसका खुलकर समर्थन किया और हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पाक से आए युवाओं ने इतना जरूर कहा कि उनके देश का हर मुस्लिम आतंकियों के समर्थन में नहीं है। सिर्फ कुछ लोग ही राजनैतिक स्वार्थ के चलते कट्टरता दिखाते हैं। कहा कि हमें भी अपने पड़ोसी देशों से प्यार है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें