अमर उजाला ब्यूरो
कालपी।
नगर के गल्ला मंडी मैदान में सांसद भानु प्रताप वर्मा एवं क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन ने लाभार्थियों को कर्ज माफ ी के प्रमाण पत्र देते हुए केंद्र की मोदी व राज्य सरकार की योजनाओं का बखान किया। समारोह में 1355 किसानों को कर्ज माफ ी के प्रमाण पत्र दिए गए। जैसे ही कर्ज माफी के प्रमाण पत्र किसानों के हाथों में आए, वैसे ही किसानों की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।
मुख्य अतिथि सांसद भानू वर्मा ने कहा की आगामी 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने के लक्ष्य को लेकर मोदी सरकार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में किसानों की फ सलें खराब होने की स्थिति में प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना के माध्यम से पीड़ित किसान के नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने अन्नपूर्णा योजना सहित सरकार की संचालित कई योजनाओं की जानकारियां दी।
डीएम मन्नान अख्तर ने कहा कि किसान फ सल बीमा अवश्य कराएं, जिससे दैवीय आपदा के समय फ सल नष्ट होने या अन्य फ सल संबंधी किसी भी समस्या में नुकसान की स्थिति में किसानों पर बोझ न पड़े। विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन ने कहा कि जिले में सूखे के हालात बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या को जिले के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है। इस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लेते हुए जिले से सर्वे रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार जल्द ही जिले को सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया जाएगा। वही अन्ना समस्या को लेकर सरकार गंभीर है। जल्द ही पूरे बुंदेलखंड में अन्ना समस्या के समाधान के लिए गौशालाएं खोली जाएंगी। कार्यक्रम में सीडीओ, एसपी, एसडीएम सतीश चंद्र ने भी संबोधित कर उपस्थिति किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान तहसीलदार शालिगग्राम, ईओ सुशील दोहरे, कोतवाल संजय गुप्ता, भाजपा नगर अध्यक्ष अमित पांडेय, रमेश तिवारी, भारत सिंह यादव, मुन्ना चौधरी, सुभाष परमार सहित कई क्षेत्रीय व स्थानीय भाजपाई उपस्थित रहे।
प्रमाण पत्र न मिलने पर अधिकारियों को कोसा
प्रमाणपत्र पाने के लिए काफ ी दूर से किसान समारोह में पहुंचे थे। जब उन्हें पता चला कि उनके प्रमाणपत्र नहीं आए हैं तो वे मायूस हो गए। शासन प्रशासन को कोसते हुए समारोह से लौट गए। एसडीएम का कहना है कि जिन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिले हैं। उन्हें जल्द प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
1800 पात्र में से 445 को नहीं मिले प्रमाण पत्र
कालपी। कालपी में आयोजित कार्यक्रम में कुल 1800 किसानों के कर्ज माफी की सूची तैयार की गई थी। लेकिन बुधवार को 445 किसानों के नाम होने के बाद भी कार्यक्रम में प्रमाण पत्र नहीं दिए गए। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वही इस पर अधिकारी कुछ बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 445 कि सान वह कि सान हैं जिन्हें कर्ज माफी में सौ-दो सौ रुपए का लाभ मिला है। मीडिया से बचने के लिए जिला प्रशासन ने किसानों को वितरण कार्यक्रम में बुला तो लिया, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र नहीं दिया। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उनका कितना कर्जमाफी हुआ है। सभी अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही उनके प्रमाण पत्र घर पहुंचा दिए जाएंगे।
मंडी आए किसान परेशान हुए
कर्ज माफ ी प्रमाणपत्र वितरण समारोह की वजह से गल्ला मंडी का मैन गेट तीन घंटे तक बंद रहा। इससे मंडी में दूर-दराज गांवों से माल बेचने मंडी आए किसानों को परेशान होना पड़ा। वहीं कार्यक्रम के बाद गेट को खोला गया। तब तक किसान माल लिए गेट के बाहर खड़े रहे। इससे गल्ला व्यापारियों को भी खासी परेशानी हुई।
30 पात्रों को मिले आवास
समारोह में ही कदौरा व महेबा ब्लॉक के तीस पात्रों को प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना के प्रमाण पत्र भी सौंपे गए। इनमें उसरगांव से साइकिल से प्रमाण पत्र लेने आई वृद्धा शांति देवी को देख सभी हैरत में पड़ गए। वृद्धा के इस जोश की सराहाना करने से अतिथि भी खुद को रोक नहीं सके। उनका कहना है कि कई सालों से वह पक्के मकान का सपना देख रही थी जो अब पूरा है।
माधौगढ़ में 2296 किसानों को मिले प्रमाण पत्र
माधौगढ़। कर्जमाफी योजना के तहत माधौगढ़ गल्ला मंड़ी परिसर में कर्ज माफी के प्रमाण पत्र बांटे गए। इस दौरान सांसद भानू वर्मा, विधायक मूलचंद्र निरंजन, अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह ने 2296 किसानों को कर्ज माफी के प्रमाण पत्र दिए। इस दौरान सांसद व विधायक ने किसानों के लिए चल रही तमाम सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
1355 किसानों को मिले कर्ज माफी के प्रमाण पत्र
-सांसद भानु प्रताप वर्मा एवं क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन ने प्रमाण पत्र बांटे